आज का राहु काल

आज का राहु काल, गुलिक काल और यमगंड का समय — पूरे सप्ताह की तालिका सहित।

आज — बुधवार, 5 अग॰

इन अवधियों में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचें। सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय पर निर्भर करता है।

राहु काल
12:00 PM
से
01:30 PM
गुलिक काल
09:00 AM
से
10:30 AM
यमगंड
06:00 AM
से
07:30 AM

साप्ताहिक राहु काल (सोम–रवि)

दिनराहु कालगुलिक कालयमगंड
रविवार04:30 PM06:00 PM01:30 PM03:00 PM10:30 AM12:00 PM
सोमवार07:30 AM09:00 AM12:00 PM01:30 PM09:00 AM10:30 AM
मंगलवार03:00 PM04:30 PM10:30 AM12:00 PM07:30 AM09:00 AM
बुधवार12:00 PM01:30 PM09:00 AM10:30 AM06:00 AM07:30 AM
गुरुवार01:30 PM03:00 PM07:30 AM09:00 AM04:30 PM06:00 PM
शुक्रवार10:30 AM12:00 PM06:00 AM07:30 AM03:00 PM04:30 PM
शनिवार09:00 AM10:30 AM03:00 PM04:30 PM01:30 PM03:00 PM

राहु काल — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज का राहु काल कितने बजे है?

राहु काल दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ भागों में बाँटकर निकाला जाता है, और प्रत्येक वार का भाग निश्चित है। आज का सटीक समय ऊपर दिया गया है। यह आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय पर निर्भर करता है — अपने शहर का सटीक समय नीचे देखें।

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?

इस अवधि में नए और शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है — यात्रा प्रारंभ, गृहप्रवेश, विवाह मुहूर्त, नया व्यापार या महत्वपूर्ण हस्ताक्षर। पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं; निषेध आरंभ पर है।

साप्ताहिक राहु काल कैसे बदलता है?

राहु काल प्रत्येक वार अलग समय पर पड़ता है — जैसे सोमवार को प्रातः, शनिवार को पूर्वाह्न में। ऊपर सोम से रवि तक की पूरी साप्ताहिक तालिका दी गई है।

राहु काल, गुलिक काल और यमगंड में क्या अंतर है?

तीनों दिन की अशुभ अवधियाँ हैं। राहु काल सर्वाधिक टाला जाता है; गुलिक काल (शनि-पुत्र) को कुछ स्थायी कार्यों के लिए अपेक्षाकृत सौम्य माना जाता है; यमगंड भी नए आरंभ के लिए वर्जित है।

यदि राहु काल टाला न जा सके तो क्या करें?

यदि कार्य अनिवार्य हो, तो आरंभ से पूर्व इष्ट देव या हनुमान जी का स्मरण करें और 'ॐ रां राहवे नमः' का जप कर सकते हैं। नित्य कर्म और चलते कार्यों पर राहु काल का निषेध नहीं है।

क्या राहु काल में यात्रा शुरू कर सकते हैं?

नई यात्रा राहु काल में आरंभ करने से परंपरा में बचा जाता है। यदि अनिवार्य हो, तो कुछ लोग राहु काल से पहले प्रतीकात्मक रूप से थोड़ा आगे बढ़कर (प्रस्थान) फिर बाद में चलते हैं। पहले से चल रही यात्रा जारी रखने में दोष नहीं।

क्या विवाह या गृहप्रवेश राहु काल में कर सकते हैं?

नहीं — विवाह, गृहप्रवेश, सगाई और अन्य शुभ संस्कारों का मुहूर्त राहु काल से बाहर रखा जाता है। ऊपर आज का राहु काल देखकर उससे पहले या बाद का समय चुनें।

राहु काल मार्गदर्शिकाएँ

जानें राहु काल आपके शहर के लिए कैसे निकाला जाता है, जब इसे टाला न जा सके तब क्या करें, और यह अन्य अशुभ अवधियों (यमगंड, गुलिक) से कैसे भिन्न है।