Festival Calendar

बुद्ध पूर्णिमा 2037

वैशाख पूर्णिमा — बुद्ध का जन्म, बोधि और महापरिनिर्वाण।

बुद्ध पूर्णिमा 2037 date
बुधवार, 29 अप्रैल 2037
Tithi: वैशाख पूर्णिमा
Tithi window: 03:11 AM, बुधवार, 29 अप्रैल 2037 → 12:21 AM, गुरुवार, 30 अप्रैल 2037
बुद्ध पूर्णिमा 2037
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:23
  • सूर्यास्त18:27
  • व्रत अवधि (तिथि)03:11 → 2037-04-30 · 00:21
  • पारण (तिथि समाप्ति)00:212037-04-30

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

बुद्ध पूर्णिमा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

बुद्ध पूर्णिमा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुद्ध पूर्णिमा को तीन घटनाएँ क्यों पड़ती हैं?

परंपरा मानती है कि बुद्ध का जन्म, बोधि और महापरिनिर्वाण प्रत्येक वैशाख पूर्णिमा को हुआ, यद्यपि वर्षों के अंतर पर — इसीलिए यह एक ही दिन तीनों धारण करता है और बौद्ध वर्ष का सर्वाधिक पवित्र है।

क्या बुद्ध पूर्णिमा हिंदू पर्व भी है?

हाँ। हिंदू बुद्ध को विष्णु का नवाँ अवतार मानते हैं, और यह दिन वैशाख पूर्णिमा से मेल खाता है, जो पवित्र स्नान और दान से रखी जाती है। इसे दोनों परंपराएँ मनाती हैं।

बुद्ध पूर्णिमा को क्या अर्पित होता है?

खीर परंपरागत है — सुजाता के दूध-भात अर्पण का स्मरण — साथ ही श्वेत पुष्प, धूप और दीप। गहन अर्पण अहिंसा, दान और ध्यान है।

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