Festival Calendar

देवउठनी एकादशी 2038

देव जागते हैं; चातुर्मास समाप्त, विवाह पुनः आरंभ — तुलसी विवाह।

देवउठनी एकादशी 2038 date
रविवार, 7 नवंबर 2038
Tithi: कार्तिक शुक्ल एकादशी
Tithi window: 04:48 PM, शनिवार, 6 नवंबर 2038 → 06:31 PM, रविवार, 7 नवंबर 2038
देवउठनी एकादशी 2038
आरंभ में
00दिन
:
00घंटे
:
00मिनट
:
00सेकंड

आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:09
  • सूर्यास्त17:14
  • व्रत अवधि (तिथि)2038-11-06 · 16:48 → 18:31
  • पारण (तिथि समाप्ति)18:31

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

देवउठनी एकादशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

देवउठनी एकादशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवउठनी एकादशी क्या है?

यह कार्तिक की शुक्ल एकादशी है, जब विष्णु देवशयनी एकादशी से आरंभ चार-मासीय चातुर्मास निद्रा से जागते हैं। इसे देव उठानी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं।

इस दिन के बाद विवाह क्यों पुनः आरंभ होते हैं?

शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत — चातुर्मास भर विष्णु के शयन में रुके रहते हैं। जब वे देवउठनी एकादशी को जागते हैं, विवाह-ऋतु खुलती है; तुलसी विवाह उसका प्रथम अनुष्ठान है।

तुलसी विवाह क्या है?

तुलसी पौधे का शालिग्राम (विष्णु) से विधिवत विवाह, जो देवउठनी एकादशी से आरंभ होता है। यह विष्णु के उस व्रत को दोहराता है कि वे तुलसी-रूपा वृंदा से प्रति वर्ष विवाह करेंगे, और ऋतु का सर्वाधिक शुभ विवाह माना जाता है।

Other major festivals in 2038