Festival Calendar

गोवर्धन पूजा 2031

दीपावली के अगले दिन अन्नकूट।

गोवर्धन पूजा 2031 date
शनिवार, 15 नवंबर 2031
Tithi: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
Tithi window: 02:41 AM, शनिवार, 15 नवंबर 2031 → 12:31 AM, रविवार, 16 नवंबर 2031
गोवर्धन पूजा 2031
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:14
  • सूर्यास्त17:10
  • व्रत अवधि (तिथि)02:41 → 2031-11-16 · 00:31
  • पारण (तिथि समाप्ति)00:312031-11-16

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

गोवर्धन पूजा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

गोवर्धन पूजा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवर्धन पूजा कब मनाई जाती है?

कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को, शरद ऋतु में — शुक्ल पक्ष का पहला दिन, दीपावली के अगले दिन। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

अन्नकूट क्या है?

'अन्न का पर्वत' — अनेक शाकाहारी व्यंजनों का बड़ा समूह, जो कृष्ण के सम्मुख उसी गोवर्धन पर्वत के रूप में ढेर किया जाता है जिसे उन्होंने उठाया था, फिर अर्पित कर प्रसाद रूप में यथासंभव समस्त समुदाय के साथ बाँटा जाता है।

गोवर्धन पर्वत गोबर से क्यों बनाया जाता है?

गोबर से एक छोटा पर्वत बनाकर उस पर वृक्ष, गोधन और आकृतियाँ सजाई जाती हैं, और उसे स्वयं गोवर्धन रूप में पूजा जाता है। गोबर इस कर्म को उसी पशुचारी, कृषि-जगत से जोड़ता है जिसके प्रति यह पर्व आभार व्यक्त करता है।

गोवर्धन पूजा क्या सिखाती है?

कथा उपासना को इंद्र से — भय से प्रसन्न की जाने वाली दूर की शक्ति से — हटाकर उस पर्वत, गोधन और भूमि की ओर मोड़ती है जो वस्तुतः जीवन का पोषण करते हैं। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है।

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