Festival Calendar

हनुमान जयंती 2034

चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्मोत्सव।

हनुमान जयंती 2034 date
सोमवार, 3 अप्रैल 2034
Tithi: चैत्र पूर्णिमा
Tithi window: 10:40 PM, रविवार, 2 अप्रैल 2034 → 12:51 AM, मंगलवार, 4 अप्रैल 2034
हनुमान जयंती 2034
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:47
  • सूर्यास्त18:14
  • व्रत अवधि (तिथि)2034-04-02 · 22:40 → 2034-04-04 · 00:51
  • पारण (तिथि समाप्ति)00:512034-04-04

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

हनुमान जयंती की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

हनुमान जयंती — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमान जयंती कब है?

उत्तर भारत में यह चैत्र की पूर्णिमा को रखी जाती है। महाराष्ट्र भी यही दिन रखता है; तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र इसे भिन्न दिनों में मनाते हैं, अतः तिथि क्षेत्र पर निर्भर है। इस वर्ष की चैत्र पूर्णिमा तिथि ऊपर दी गई है।

हनुमान को सिंदूर क्यों अर्पित होता है?

परंपरा स्मरण कराती है कि हनुमान ने सीता को राम की दीर्घायु हेतु सिंदूर लगाते देख, भक्ति में पूरे शरीर पर सिंदूर मल लिया। अतः चमेली के तेल में मिला सिंदूर उन्हें सर्वाधिक प्रिय अर्पण है।

हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ी जाती है?

कोई नियत नियम नहीं, पर इस दिन इसे चालीस बार (या उसके गुणकों में) पढ़ने का संकल्प सामान्य है, साथ ही सुंदरकांड और बजरंग बाण।

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