Festival Calendar

होली 2045

रंगों का पर्व (धुलंडी) — होलिका दहन के अगले दिन, चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को।

होली 2045 date
शनिवार, 4 मार्च 2045
Tithi: चैत्र कृष्ण प्रतिपदा
Tithi window: 01:20 PM, शुक्रवार, 3 मार्च 2045 → 10:24 AM, शनिवार, 4 मार्च 2045
होली 2045
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:18
  • सूर्यास्त18:01
  • व्रत अवधि (तिथि)2045-03-03 · 13:20 → 10:24
  • पारण (तिथि समाप्ति)10:24

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

होली की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

होली — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होलिका दहन में भद्रा से क्यों बचा जाता है?

भद्रा (विष्टि करण) शुभ अग्नि-कर्मों को दूषित करने वाली मानी जाती है। दहन प्रदोष काल में तभी होता है जब भद्रा बीत चुकी हो; यदि भद्रा सम्पूर्ण संध्या घेरे, तो दहन रात्रि में किया जाता है।

होली एक दिन की है या दो?

दो दिन। होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को; रंगवाली होली अगले प्रातः, चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को।

होलिका की भस्म का क्या किया जाता है?

अगले प्रातः रंग आरंभ होने से पूर्व वह मस्तक पर लगाई जाती है, इस भाव से कि जो बीत गया वह अग्नि को समर्पित हो चुका।

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