Festival Calendar

निर्जला एकादशी 2033

बिना जल का व्रत — चौबीस एकादशियों में सबसे कठिन और फलदायी।

निर्जला एकादशी 2033 date
बुधवार, 8 जून 2033
Tithi: ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
Tithi window: 11:20 PM, मंगलवार, 7 जून 2033 → 01:32 AM, गुरुवार, 9 जून 2033
निर्जला एकादशी 2033
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:07
  • सूर्यास्त18:47
  • व्रत अवधि (तिथि)2033-06-07 · 23:20 → 2033-06-09 · 01:32
  • पारण (तिथि समाप्ति)01:322033-06-09

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

निर्जला एकादशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

निर्जला एकादशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्जला एकादशी बिना जल के क्यों रखी जाती है?

यह ज्येष्ठ में, सर्वाधिक तप्त मास में पड़ती है, और जब शरीर को जल सर्वाधिक चाहिए तब उसे त्यागना ही अर्पण है। यह एक निर्जल व्रत रखना वर्ष की चौबीसों एकादशियों का पुण्य देता माना जाता है।

इसे भीम एकादशी क्यों कहते हैं?

क्योंकि व्यास मुनि ने भीम को, जो प्रत्येक एकादशी नहीं रख सकते थे, कहा कि वे यह एक दिन उन सबके स्थान पर रख सकते हैं — अतः यह उनका नाम भी धारण करती है, भीमसेनी या भीम एकादशी।

व्रत कब खोला जाता है?

अगले दिन भोर में, द्वादशी की पारण-बेला में, स्नान और दान के पश्चात। पारण बेला के पश्चात विलंबित न हो; सटीक समय तिथि की समाप्ति पर निर्भर है।

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