Festival Calendar

पितृ पक्ष प्रारंभ 1916

प्रतिपदा श्राद्ध से पितरों का पखवाड़ा आरंभ।

इस वर्ष की तिथि देखें — पितृ पक्ष प्रारंभ 2026 कब है
पितृ पक्ष प्रारंभ 1916 date
मंगलवार, 12 सितंबर 1916
Tithi: आश्विन कृष्ण प्रतिपदा
Tithi window: 01:57 AM, मंगलवार, 12 सितंबर 1916 → 11:27 PM, मंगलवार, 12 सितंबर 1916

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:43
  • सूर्यास्त18:04
  • व्रत अवधि (तिथि)01:57 → 23:27
  • पारण (तिथि समाप्ति)23:27

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

पितृ पक्ष प्रारंभ की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

पितृ पक्ष प्रारंभ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पितृ पक्ष कब आरंभ होता है?

यह प्रतिपदा श्राद्ध से आरंभ होता है, भाद्रपद पूर्णिमा के पश्चात आने वाले कृष्ण पक्ष के प्रथम दिन, शरद के आरंभ में, और सर्वपितृ अमावस्या तक एक पखवाड़ा चलता है। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

तर्पण और श्राद्ध में क्या अंतर है?

तर्पण पूर्वजों को काले तिल मिश्रित जल का दैनिक अर्पण है। श्राद्ध पूर्वज की तिथि पर श्रद्धा से किया जाने वाला विस्तृत कर्म है — जिसमें ब्राह्मण-भोजन और, जहाँ प्रथा हो, पिंडदान सम्मिलित है।

किसी विशेष पूर्वज का श्राद्ध किस दिन करें?

कृष्ण पक्ष की उसी तिथि को जो उस व्यक्ति के देहांत के दिन से मेल खाती हो। जहाँ मृत्यु-तिथि अज्ञात हो, वहाँ श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या को किया जाता है, पखवाड़े का अंतिम दिन, जो समस्त पूर्वजों के निमित्त काम आता है।

पितृ पक्ष में नए कार्य क्यों टाले जाते हैं?

यह पखवाड़ा दिवंगतों के प्रति स्मरण और कर्तव्य का श्रद्धामय काल है, उत्सव का समय नहीं। प्रथा से विवाह, बड़ी खरीद और गृहप्रवेश जैसे शुभ नए कार्य इसकी समाप्ति तक स्थगित रखे जाते हैं।

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