Festival Calendar

राधा अष्टमी 2023

जन्माष्टमी के पखवाड़े बाद राधा रानी का प्राकट्योत्सव।

इस वर्ष की तिथि देखें — राधा अष्टमी 2026 कब है
राधा अष्टमी 2023 date
शनिवार, 23 सितंबर 2023
Tithi: भाद्रपद शुक्ल अष्टमी
Tithi window: 01:39 PM, शुक्रवार, 22 सितंबर 2023 → 12:22 PM, शनिवार, 23 सितंबर 2023

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:46
  • सूर्यास्त17:54
  • व्रत अवधि (तिथि)2023-09-22 · 13:39 → 12:22
  • पारण (तिथि समाप्ति)12:22

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

राधा अष्टमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

राधा अष्टमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राधा अष्टमी कब है?

भाद्रपद की शुक्ल अष्टमी को, कृष्ण जन्माष्टमी के पंद्रह दिन पश्चात। राधा का जन्म मध्याह्न में सम्मानित होता है। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

राधा अष्टमी जन्माष्टमी से कैसे भिन्न है?

जन्माष्टमी कृष्ण का जन्म है, मध्यरात्रि में; राधा अष्टमी राधा का जन्म है, मध्याह्न में, पंद्रह दिन बाद। दोनों मिलकर एक दिव्य प्रेम के दो व्यक्तियों को घेरते हैं, सदा राधा-कृष्ण रूप में नामित।

राधा की पूजा कृष्ण से पहले क्यों होती है?

ब्रज और गौड़ीय परंपराओं में राधा कृष्ण की ह्लादिनी शक्ति हैं — उनके अपने प्रेम और आनंद की शक्ति — और उन तक पहुँचने का सुनिश्चित मार्ग। अतः उनका नाम पहले लिया जाता है: राधा-कृष्ण, कभी विपरीत नहीं।

राधा अष्टमी सर्वाधिक भव्य कहाँ मनाई जाती है?

बरसाना में, ब्रज में राधा के गाँव में, राधा रानी मंदिर में, और वृंदावन तथा मथुरा भर में, दिनों की पूजा, कीर्तन और झूलन सहित; यह गौड़ीय और इस्कॉन भक्तों हेतु भी प्रमुख पर्व है।

Other major festivals in 2023