Festival Calendar

राम नवमी 1903

भगवान राम का जन्मोत्सव, चैत्र शुक्ल नवमी के मध्याह्न में।

इस वर्ष की तिथि देखें — राम नवमी 2026 कब है
राम नवमी 1903 date
सोमवार, 6 अप्रैल 1903
Tithi: चैत्र शुक्ल नवमी
Tithi window: 06:16 PM, रविवार, 5 अप्रैल 1903 → 04:02 PM, सोमवार, 6 अप्रैल 1903

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:43
  • मध्याह्न पूजा मुहूर्त10:44 – 13:15
  • व्रत अवधि (तिथि)1903-04-05 · 18:16 → 16:02
  • पारण (तिथि समाप्ति)16:02

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

राम नवमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

राम नवमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम नवमी का पूजन किस समय होता है?

मध्याह्न काल में, क्योंकि श्रीराम का जन्म दोपहर में पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में माना जाता है — जन्माष्टमी के विपरीत, जो अर्धरात्रि में मनाई जाती है।

पनकम क्या है और क्यों अर्पित किया जाता है?

गुड़ और जल का पेय, जिसमें इलायची, सोंठ और काली मिर्च पड़ती है; राम नवमी पर भोग रूप में अर्पित। यह ग्रीष्म के आरंभ में पड़ता है, और यह अर्पण ऋतु की औषधि भी है।

राम नवमी का चैत्र नवरात्रि से क्या संबंध है?

यह चैत्र नवरात्रि का नवाँ दिन और समापन है। जिन्होंने नौ रात्रि व्रत रखा, वे नवमी तिथि की समाप्ति पर इसी दिन पारण करते हैं।

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