Festival Calendar

शरद पूर्णिमा 2020

अमृत बरसाने वाला चाँद — आश्विन पूर्णिमा को चाँदनी में खीर।

इस वर्ष की तिथि देखें — शरद पूर्णिमा 2026 कब है
शरद पूर्णिमा 2020 date
शनिवार, 31 अक्टूबर 2020
Tithi: आश्विन पूर्णिमा
Tithi window: 05:47 PM, शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020 → 08:19 PM, शनिवार, 31 अक्टूबर 2020

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:05
  • सूर्यास्त17:18
  • व्रत अवधि (तिथि)2020-10-30 · 17:47 → 20:19
  • पारण (तिथि समाप्ति)20:19

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

शरद पूर्णिमा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

शरद पूर्णिमा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरद पूर्णिमा को खीर चंद्र के नीचे क्यों रखी जाती है?

आश्विन की पूर्णिमा सोलहों कलाओं सहित उदित मानी जाती है और उसका प्रकाश अमृत धारण करता। उस प्रकाश में रात भर खुली रखी खीर उसे ग्रहण कर भोर में खाया जाने वाला उपचारक प्रसाद बन जाती है।

कोजागरी का अर्थ क्या है?

यह 'को जागर्ति' से है — 'कौन जाग रहा है?' माना जाता है कि लक्ष्मी उस रात्रि यही पूछती फिरती हैं, और जिन्हें जागृत पाती हैं उन्हें आशीष देती हैं। आराधना में जागना ही व्रत का मर्म है।

क्या शरद पूर्णिमा कृष्ण से जुड़ी है?

हाँ — ब्रज परंपरा में यह महारास की रात्रि है, जब कृष्ण ने शरद-चंद्र के नीचे गोपियों संग नृत्य किया। इसे चंद्र और लक्ष्मी पूजा के साथ रास गीतों से मनाया जाता है।

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