आषाढ़ (आषाढ़ मास) 2081
चातुर्मास के आरंभ का मास — जगन्नाथ रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और देवशयनी एकादशी।
आषाढ़ (आषाढ़ मास) 2081 तिथियाँ
आषाढ़ का महत्व — भगवान विष्णु
आषाढ़ वर्षा और चातुर्मास की देहरी है — वे चार मास जिनमें विष्णु शयन करते हैं, देवशयनी एकादशी से आरंभ, जब विवाह और नए कार्य रुक जाते हैं। यह पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा धारण करता है — गुरु को समर्पित पूर्णिमा, जब व्यास पूजे जाते हैं और शिष्य मार्ग दिखाने वाले को नमन करता है।
आषाढ़ के अनुष्ठान
- देवशयनी एकादशी — चातुर्मास व्रतों का आरंभ
- पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा
- गुरु पूर्णिमा — गुरु और व्यास की पूजा
- चातुर्मास का कोई अनुशासन या व्रत धारण करना
- दीक्षितों हेतु गुप्त नवरात्रि
- योगिनी और देवशयनी एकादशी का व्रत
आषाढ़ 2081 के प्रमुख दिन
आषाढ़ 2081 के पर्व
मासिक व्रत 2081
आषाढ़ 2081 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आषाढ़ मास 2081 कब से शुरू है?
उत्तर भारत (पूर्णिमांत पंचांग) में आषाढ़ रविवार, 22 जून 2081 से रविवार, 20 जुलाई 2081 तक रहता है। अमांत पंचांग वाले क्षेत्रों में यह सोमवार, 7 जुलाई 2081 से मंगलवार, 5 अगस्त 2081 तक रहता है।
उत्तर और दक्षिण भारत में आषाढ़ की तिथियाँ अलग क्यों हैं?
क्योंकि दोनों भिन्न चंद्र पंचांग का पालन करते हैं। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अतः यह अमांत की तुलना में लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है। अमांत पंचांग (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु) में मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है।
आषाढ़ 2081 किसे समर्पित है?
आषाढ़ वर्षा और चातुर्मास की देहरी है — वे चार मास जिनमें विष्णु शयन करते हैं, देवशयनी एकादशी से आरंभ, जब विवाह और नए कार्य रुक जाते हैं। यह पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा धारण करता है — गुरु को समर्पित पूर्णिमा, जब व्यास पूजे जाते हैं और शिष्य मार्ग दिखाने वाले को नमन करता है।
क्या आषाढ़ 2081 अधिक मास है?
नहीं। आषाढ़ 2081 एक सामान्य 29-दिवसीय मास है।