कार्तिक (कार्तिक मास) 2025
विष्णु का सर्वाधिक पवित्र मास — कार्तिक स्नान, दामोदर दीप-दान, दीवाली, छठ और तुलसी विवाह।
कार्तिक (कार्तिक मास) 2025 तिथियाँ
कार्तिक का महत्व — भगवान विष्णु (दामोदर)
कार्तिक विष्णु का मास है, जो यहाँ दामोदर रूप में पूजे जाते हैं, और इसमें किसी भी अन्य मास से अधिक पर्व हैं — धनतेरस, दीवाली, गोवर्धन, भाई दूज, छठ, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा। यह प्रकाश का मास है: प्रतिदिन दीप जलाना या प्रवाहित करना (दीप-दान) सर्वोच्च पुण्य माना जाता है, और नदी में भोर-पूर्व कार्तिक स्नान इस मास का मूल अनुशासन है।
कार्तिक के अनुष्ठान
- कार्तिक स्नान — मास भर भोर-पूर्व पवित्र स्नान
- प्रतिदिन दीप-दान (दीप जलाना या प्रवाहित करना)
- प्रति संध्या तुलसी पूजा और एकादशी को तुलसी विवाह
- दामोदर-अष्टकम का पाठ
- दोनों एकादशियों (देवउठनी और कार्तिक) का व्रत
- कार्तिक पूर्णिमा को घाटों पर देव दीपावली
कार्तिक 2025 के प्रमुख दिन
कार्तिक 2025 के पर्व
- करवा चौथ — शुक्र, 10 अक्टू॰
- अहोई अष्टमी — मंगल, 14 अक्टू॰
- धनतेरस — शनि, 18 अक्टू॰
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — सोम, 20 अक्टू॰
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — सोम, 20 अक्टू॰
- गोवर्धन पूजा — बुध, 22 अक्टू॰
- भाई दूज — गुरु, 23 अक्टू॰
- छठ पूजा — मंगल, 28 अक्टू॰
- देवउठनी एकादशी — रवि, 2 नव॰
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — बुध, 5 नव॰
- गुरु नानक जयंती — बुध, 5 नव॰
मासिक व्रत 2025
कार्तिक 2025 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्तिक मास 2025 कब से शुरू है?
उत्तर भारत (पूर्णिमांत पंचांग) में कार्तिक बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 से बुधवार, 5 नवंबर 2025 तक रहता है। अमांत पंचांग वाले क्षेत्रों में यह बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 से गुरुवार, 20 नवंबर 2025 तक रहता है।
उत्तर और दक्षिण भारत में कार्तिक की तिथियाँ अलग क्यों हैं?
क्योंकि दोनों भिन्न चंद्र पंचांग का पालन करते हैं। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अतः यह अमांत की तुलना में लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है। अमांत पंचांग (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु) में मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है।
कार्तिक 2025 किसे समर्पित है?
कार्तिक विष्णु का मास है, जो यहाँ दामोदर रूप में पूजे जाते हैं, और इसमें किसी भी अन्य मास से अधिक पर्व हैं — धनतेरस, दीवाली, गोवर्धन, भाई दूज, छठ, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा। यह प्रकाश का मास है: प्रतिदिन दीप जलाना या प्रवाहित करना (दीप-दान) सर्वोच्च पुण्य माना जाता है, और नदी में भोर-पूर्व कार्तिक स्नान इस मास का मूल अनुशासन है।
क्या कार्तिक 2025 अधिक मास है?
नहीं। कार्तिक 2025 एक सामान्य 29-दिवसीय मास है।