माघ 1904 आरंभ व समाप्ति तिथि (माघ मास)
उत्तर भारत (पूर्णिमांत): सोमवार, 4 जनवरी 1904 – सोमवार, 1 फ़रवरी 1904
अमांत क्षेत्र: सोमवार, 18 जनवरी 1904 – मंगलवार, 16 फ़रवरी 1904
माघ स्नान और कल्पवास का मास — मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी।
माघ (माघ मास) 1904 तिथियाँ
माघ का महत्व — भगवान विष्णु एवं सूर्य
माघ पवित्र स्नान का महान मास है। मास भर प्रयाग में स्नान — कल्पवास, जब भक्त संगम-तट पर तपमय जीवन बिताते हैं — जन्म-जन्मांतर के कर्म धो देता है माना जाता है। यह मकर संक्रांति से आरंभ होता है जब सूर्य उत्तरायण होता है, मौन मौनी अमावस्या स्नान धारण करता है, और वसंत पंचमी तक पहुँचता है — वसंत का प्रथम दिन और सरस्वती की पूजा।
माघ के अनुष्ठान
- माघ स्नान — प्रतिदिन भोर-पूर्व पवित्र स्नान, विशेषतः प्रयाग में
- कल्पवास — संगम पर मास-पर्यंत तपमय निवास
- तिल-गुड़ दान और तिल अर्पण
- मकर संक्रांति से सूर्य अर्घ्य
- मौन मौनी अमावस्या स्नान
- वसंत पंचमी को सरस्वती पूजा
- जया और विजया एकादशी का व्रत
माघ 1904 के प्रमुख दिन
माघ 1904 के पर्व
मासिक व्रत 1904
माघ 1904 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माघ मास 1904 कब से शुरू है?
उत्तर भारत (पूर्णिमांत पंचांग) में माघ सोमवार, 4 जनवरी 1904 से सोमवार, 1 फ़रवरी 1904 तक रहता है। अमांत पंचांग वाले क्षेत्रों में यह सोमवार, 18 जनवरी 1904 से मंगलवार, 16 फ़रवरी 1904 तक रहता है।
उत्तर और दक्षिण भारत में माघ की तिथियाँ अलग क्यों हैं?
क्योंकि दोनों भिन्न चंद्र पंचांग का पालन करते हैं। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अतः यह अमांत की तुलना में लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है। अमांत पंचांग (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु) में मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है।
माघ 1904 किसे समर्पित है?
माघ पवित्र स्नान का महान मास है। मास भर प्रयाग में स्नान — कल्पवास, जब भक्त संगम-तट पर तपमय जीवन बिताते हैं — जन्म-जन्मांतर के कर्म धो देता है माना जाता है। यह मकर संक्रांति से आरंभ होता है जब सूर्य उत्तरायण होता है, मौन मौनी अमावस्या स्नान धारण करता है, और वसंत पंचमी तक पहुँचता है — वसंत का प्रथम दिन और सरस्वती की पूजा।
माघ शिवरात्रि 1904 कब है?
माघ शिवरात्रि 1904 — माघ मास की मासिक शिवरात्रि (कृष्ण चतुर्दशी) — शनिवार, 16 जनवरी 1904 को है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक और रात्रि-पूजन का विशेष महत्व है।
क्या माघ 1904 अधिक मास है?
नहीं। माघ 1904 एक सामान्य 29-दिवसीय मास है।