Festival Calendar

अनंत चतुर्दशी 2046

भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी — अनंत सूत्र पूजन व गणेश विसर्जन।

अनंत चतुर्दशी 2046 date
शुक्रवार, 14 सितंबर 2046
Tithi: भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
Tithi window: 07:38 AM, गुरुवार, 13 सितंबर 2046 → 09:51 AM, शुक्रवार, 14 सितंबर 2046
अनंत चतुर्दशी 2046
आरंभ में
00दिन
:
00घंटे
:
00मिनट
:
00सेकंड

आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:43
  • सूर्यास्त18:04
  • व्रत अवधि (तिथि)2046-09-13 · 07:38 → 09:51
  • पारण (तिथि समाप्ति)09:51

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

अनंत चतुर्दशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत चतुर्दशी कब मनाई जाती है?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को, वर्षा ऋतु के अंत में — शुक्ल पक्ष का चौदहवाँ दिन, गणेश चतुर्थी के दस दिन पश्चात। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

अनंत सूत्र क्या है और कैसे बाँधा जाता है?

हल्दी से रँगा सूती या रेशमी धागा, चौदह गाँठों सहित, पूजन के पश्चात भुजा पर अनंत की रक्षा के व्रत रूप में धारण किया जाता है। सामान्य प्रथा में पुरुष दाहिनी और स्त्रियाँ बाईं भुजा पर बाँधती हैं, और पिछले वर्ष का सूत्र पहले उतार दिया जाता है।

इस दिन गणेश विसर्जन क्यों होता है?

अनंत चतुर्दशी गणेशोत्सव का दसवाँ और अंतिम दिन है, जो गणेश चतुर्थी से आरंभ होता है। स्थापित गणेश प्रतिमा को शोभायात्रा में ले जाकर विसर्जित किया जाता है, इस प्रार्थना के साथ कि वे अगले वर्ष पुनः पधारें।

अनंत चतुर्दशी को किस देव की पूजा होती है?

अनंत — विष्णु का अंतहीन रूप, शेषनाग पर शयन करते हुए। व्रत और चौदह-गाँठ का सूत्र दोनों उस असीम का सम्मान करते हैं जो चौदह लोकों को धारण करते हैं।

Other major festivals in 2046