बैसाखी (मेष संक्रांति) 1932
सौर नववर्ष — पंजाब का फसल पर्व; सूर्य का मेष राशि में प्रवेश।
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संक्रांति क्षण06:41
Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.
बैसाखी (मेष संक्रांति) की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंबैसाखी (मेष संक्रांति) — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बैसाखी कब मनाई जाती है?
सौर मास वैशाख के प्रथम दिन, जो अधिकांश वर्षों में 13 अप्रैल और कुछ में 14 अप्रैल को पड़ता है। सौर पर्व होने से इसकी तिथि प्रायः स्थिर है, चंद्र-पर्वों से भिन्न। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
बैसाखी सिखों हेतु क्यों महत्वपूर्ण है?
1699 की वैसाखी को गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा की स्थापना की, पंज प्यारों को दीक्षित किया और समुदाय को पाँच ककार तथा सिंह-कौर नाम दिए। यह सिख वर्ष के सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिनों में है।
बैसाखी हिंदू पर्व है या सिख?
दोनों, और अधिक। यह एक प्राचीन सौर फसल-पर्व है जो सभी धर्मों में मनाया जाता है और, 1699 से, खालसा का स्थापना-दिवस। वही सौर नववर्ष भारत भर में विषु, पुत्तांडु, पोहेला बोइशाख और बिहू जैसे नामों से मनाया जाता है।
क्या बैसाखी पर व्रत रखा जाता है?
नहीं। बैसाखी फसल और कृतज्ञता का पर्व है, जो गुरुद्वारा पूजा, लंगर और मेले से मनाया जाता है — व्रत से नहीं।
Other major festivals in 1932
- मकर संक्रांति — 14 जनवरी 1932
- वसंत पंचमी — 11 फ़रवरी 1932
- महाशिवरात्रि — 5 मार्च 1932
- होली — 23 मार्च 1932
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 7 अप्रैल 1932
- राम नवमी — 15 अप्रैल 1932
- अक्षय तृतीया — 8 मई 1932
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 5 जुलाई 1932
- गुरु पूर्णिमा — 17 जुलाई 1932
- नाग पंचमी — 7 अगस्त 1932
- रक्षा बंधन — 16 अगस्त 1932
- कृष्ण जन्माष्टमी — 24 अगस्त 1932
- हरतालिका तीज — 3 सितंबर 1932
- गणेश चतुर्थी — 4 सितंबर 1932
- अनंत चतुर्दशी — 13 सितंबर 1932
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 15 सितंबर 1932
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 1 अक्टूबर 1932
- दुर्गा अष्टमी — 7 अक्टूबर 1932
- महानवमी — 8 अक्टूबर 1932
- दशहरा / विजयादशमी — 8 अक्टूबर 1932
- करवा चौथ — 18 अक्टूबर 1932
- धनतेरस — 27 अक्टूबर 1932
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 28 अक्टूबर 1932
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 29 अक्टूबर 1932
- गोवर्धन पूजा — 30 अक्टूबर 1932
- भाई दूज — 31 अक्टूबर 1932
- छठ पूजा — 3 नवंबर 1932
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 13 नवंबर 1932
- गुरु नानक जयंती — 13 नवंबर 1932
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