Festival Calendar

छठ पूजा 2034

कार्तिक शुक्ल षष्ठी — घाटों पर सूर्य और छठी मैया की उपासना।

छठ पूजा 2034 date
शुक्रवार, 17 नवंबर 2034
Tithi: कार्तिक शुक्ल षष्ठी
Tithi window: 06:42 PM, गुरुवार, 16 नवंबर 2034 → 08:18 PM, शुक्रवार, 17 नवंबर 2034
छठ पूजा 2034
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:16
  • सूर्यास्त17:09
  • व्रत अवधि (तिथि)2034-11-16 · 18:42 → 20:18
  • पारण (तिथि समाप्ति)20:18

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

छठ पूजा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

छठ पूजा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्घ्य पहले अस्ताचलगामी सूर्य को क्यों दिया जाता है?

छठ लगभग एकमात्र पर्व है जिसमें उदीयमान से पूर्व अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना होती है। षष्ठी की संध्या को सूर्य को धन्यवाद दिया जाता है, और अगले प्रातः सप्तमी को उसके लौटने पर अभिनंदन।

छठ का व्रत कितने समय का होता है?

लगभग छत्तीस घंटे, बिना अन्न और जल के — द्वितीय संध्या के खरना-भोजन के पश्चात आरंभ होकर चतुर्थ प्रातः उषा अर्घ्य के पश्चात ही समाप्त।

छठ प्रसाद में नमक क्यों नहीं पड़ता?

ठेकुआ और समस्त प्रसाद कठोर शुद्धता में बनते हैं — न नमक, न पाक के समय कुछ चखना, और अग्नि मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी की।

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