धनतेरस 2044
धन्वंतरि-लक्ष्मी पूजन — दीपावली का पहला दिन, खरीदारी का शुभ दिन।
आज का पंचांग
काशी संदर्भ · तुरंत गणना- तिथि
- अष्टमी
- तक 18:59
- नक्षत्र
- भरणी
- तक 20:18
- योग
- गण्ड
- करण
- बालव
- सूर्योदय
- 05:27
- सूर्यास्त
- 18:40
- चंद्र राशि
- मेष
- सूर्य राशि
- कर्क
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:57
- प्रदोष पूजा मुहूर्त17:28 – 19:52
- व्रत अवधि (तिथि)07:35 → 2044-10-19 · 06:25
- पारण (तिथि समाप्ति)06:252044-10-19
Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.
धनतेरस की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंधनतेरस — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?
धातु — चाँदी, इस्पात अथवा पीतल — और परंपरा से रिक्त पात्र, जिसे घर में लाने से पूर्व भर लिया जाता है। स्वर्ण और बर्तन प्रचलित हैं; पात्र प्राचीन रीति है।
धनतेरस पर दीप दक्षिण दिशा में क्यों रखा जाता है?
वह यम-दीपम है, जो संध्या के पश्चात गृह-रक्षा हेतु यम को अर्पित किया जाता है। वह घर के बाहर दक्षिणाभिमुख रखा जाता है और भीतर वापस नहीं लाया जाता।
धनतेरस पर सर्वप्रथम किसकी पूजा होती है?
धन्वंतरि की, जो अमृत-कलश लिए मथित सागर से प्रकट हुए। लक्ष्मी और कुबेर का आवाहन उनके पश्चात होता है — इस दिन आरोग्य धन से पहले आता है।
Other major festivals in 2044
- मकर संक्रांति — 15 जनवरी 2044
- वसंत पंचमी — 4 फ़रवरी 2044
- महाशिवरात्रि — 27 फ़रवरी 2044
- होलिका दहन — 13 मार्च 2044
- होली — 14 मार्च 2044
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 30 मार्च 2044
- राम नवमी — 6 अप्रैल 2044
- अक्षय तृतीया — 30 अप्रैल 2044
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 27 जून 2044
- गुरु पूर्णिमा — 10 जुलाई 2044
- नाग पंचमी — 29 जुलाई 2044
- रक्षा बंधन — 8 अगस्त 2044
- कृष्ण जन्माष्टमी — 16 अगस्त 2044
- हरतालिका तीज — 25 अगस्त 2044
- गणेश चतुर्थी — 26 अगस्त 2044
- अनंत चतुर्दशी — 6 सितंबर 2044
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 8 सितंबर 2044
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 22 सितंबर 2044
- दुर्गा अष्टमी — 29 सितंबर 2044
- महानवमी — 30 सितंबर 2044
- दशहरा / विजयादशमी — 1 अक्टूबर 2044
- करवा चौथ — 10 अक्टूबर 2044
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 19 अक्टूबर 2044
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 20 अक्टूबर 2044
- गोवर्धन पूजा — 21 अक्टूबर 2044
- भाई दूज — 22 अक्टूबर 2044
- छठ पूजा — 27 अक्टूबर 2044
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 5 नवंबर 2044
- गुरु नानक जयंती — 5 नवंबर 2044
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