Festival Calendar

धनतेरस 2047

धन्वंतरि-लक्ष्मी पूजन — दीपावली का पहला दिन, खरीदारी का शुभ दिन।

धनतेरस 2047 date
बुधवार, 16 अक्टूबर 2047
Tithi: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
Tithi window: 06:46 PM, बुधवार, 16 अक्टूबर 2047 → 03:59 PM, गुरुवार, 17 अक्टूबर 2047
धनतेरस 2047
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:56
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त17:31 – 19:55
  • व्रत अवधि (तिथि)18:46 → 2047-10-17 · 15:59
  • पारण (तिथि समाप्ति)15:592047-10-17

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

धनतेरस की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

धनतेरस — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

धातु — चाँदी, इस्पात अथवा पीतल — और परंपरा से रिक्त पात्र, जिसे घर में लाने से पूर्व भर लिया जाता है। स्वर्ण और बर्तन प्रचलित हैं; पात्र प्राचीन रीति है।

धनतेरस पर दीप दक्षिण दिशा में क्यों रखा जाता है?

वह यम-दीपम है, जो संध्या के पश्चात गृह-रक्षा हेतु यम को अर्पित किया जाता है। वह घर के बाहर दक्षिणाभिमुख रखा जाता है और भीतर वापस नहीं लाया जाता।

धनतेरस पर सर्वप्रथम किसकी पूजा होती है?

धन्वंतरि की, जो अमृत-कलश लिए मथित सागर से प्रकट हुए। लक्ष्मी और कुबेर का आवाहन उनके पश्चात होता है — इस दिन आरोग्य धन से पहले आता है।

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