Festival Calendar

गंगा दशहरा 2046

गंगा अवतरण — ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को स्नान-दान।

गंगा दशहरा 2046 date
बुधवार, 13 जून 2046
Tithi: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी
Tithi window: 05:33 AM, बुधवार, 13 जून 2046 → 03:17 AM, गुरुवार, 14 जून 2046
गंगा दशहरा 2046
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:07
  • सूर्यास्त18:48
  • व्रत अवधि (तिथि)05:33 → 2046-06-14 · 03:17
  • पारण (तिथि समाप्ति)03:172046-06-14

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

गंगा दशहरा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

गंगा दशहरा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगा दशहरा कब है?

ज्येष्ठ की शुक्ल दशमी को, वर्षा से ठीक पूर्व ग्रीष्म के चरम में। यह प्रायः निर्जला एकादशी से एक दिन पूर्व पड़ती है। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

इसे दशहरा क्यों कहते हैं?

दश-हरा से — 'दस को हरने वाली' — क्योंकि इस दिन गंगा में स्नान दस प्रकार के पाप (तीन काया के, चार वाणी के, तीन मन के) धोता माना जाता है। यह विजयादशमी के शरद दशहरे से असंबंधित है।

सब कुछ दस में क्यों अर्पित होता है?

उन दस पापों हेतु जो गंगा हर लेती हैं: दस डुबकियाँ, दस दीप, दस पुष्प और प्रत्येक अर्पण के दस किए जाते हैं, और दस वस्तुओं का दान दिया जाता है।

यदि मैं गंगा तक न पहुँच सकूँ?

किसी भी पवित्र नदी में स्नान या, उसके अभाव में, घर के स्नान-जल में गंगाजल मिलाकर स्मरण सहित नदी की पूजा मान्य है; परंपरा गंगा के स्मरण को भी पावन मानती है।

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