Festival Calendar

गीता जयंती 1916

कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश — मोक्षदा एकादशी।

इस वर्ष की तिथि देखें — गीता जयंती 2026 कब है
गीता जयंती 1916 date
मंगलवार, 5 दिसंबर 1916
Tithi: मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
Tithi window: 04:23 PM, सोमवार, 4 दिसंबर 1916 → 03:55 PM, मंगलवार, 5 दिसंबर 1916

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:30
  • सूर्यास्त17:08
  • व्रत अवधि (तिथि)1916-12-04 · 16:23 → 15:55
  • पारण (तिथि समाप्ति)15:55

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

गीता जयंती की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

गीता जयंती — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गीता जयंती कब है?

मार्गशीर्ष की शुक्ल एकादशी को, जो मोक्षदा एकादशी भी है, प्रायः नवंबर–दिसंबर में। यह उस दिन को दर्शाती है जब कुरुक्षेत्र पर भगवद्गीता कही गई। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

गीता जयंती पर क्या मनाया जाता है?

भगवद्गीता का 'जन्म' — वह दिन जब कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र पर अर्जुन को उसके सात सौ श्लोक कहे। यह वह विरल पर्व है जो एक ग्रंथ और एक शिक्षा के संसार में आने का उत्सव करता है।

गीता जयंती कैसे मनाई जाती है?

गीता की पूजा और पाठ से — आदर्शतः अठारहों अध्याय — उसके उपदेश पर मनन, सारथी कृष्ण की पूजा, और मोक्षदा एकादशी व्रत रखकर। गीता भेंट (गीता-दान) विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

मोक्षदा एकादशी क्या है?

वह एकादशी जो गीता जयंती से मेल खाती है, 'मोक्ष देने वाली', एक विष्णु व्रत रूप में रखी जिसका पुण्य पितरों को मुक्त करता कहा जाता है। दोनों अनुष्ठान एक ही दिन साझा करते हैं।

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