Festival Calendar

गुड़ी पड़वा / उगादि 2084

दक्खन का नववर्ष — गुड़ी फहराई जाती है, नीम-गुड़ बाँटा जाता है।

गुड़ी पड़वा / उगादि 2084 date
गुरुवार, 6 अप्रैल 2084
Tithi: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
Tithi window: 11:22 AM, बुधवार, 5 अप्रैल 2084 → 11:24 AM, गुरुवार, 6 अप्रैल 2084
गुड़ी पड़वा / उगादि 2084
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:44
  • सूर्यास्त18:16
  • व्रत अवधि (तिथि)2084-04-05 · 11:22 → 11:24
  • पारण (तिथि समाप्ति)11:24

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

गुड़ी पड़वा / उगादि की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

गुड़ी पड़वा / उगादि — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुड़ी पड़वा कब है?

चैत्र की शुक्ल प्रतिपदा को, हिंदू चंद्र-वर्ष का प्रथम दिन, प्रायः मार्च के अंत या अप्रैल के आरंभ में। यह चैत्र नवरात्रि भी खोलता है। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

गुड़ी किसका प्रतीक है?

गुड़ी — बाँस पर चमकीला वस्त्र, ऊपर उलटा कलश, नीम और आम पत्ते — विजय और स्वागत का ध्वज है, नववर्ष हेतु और परंपरा में राम की अयोध्या-वापसी हेतु उठाया जाता है। इसे पूजा जाता है और सूर्यास्त तक उतार लिया जाता है।

गुड़ी पड़वा पर नीम गुड़ के संग क्यों खाया जाता है?

वर्ष के प्रथम भोजन में कड़वे नीम को मीठे गुड़ के संग लेना वर्ष के कड़वे और मीठे दोनों की स्वीकृति है, और इसमें ऋतु-तर्क है — ग्रीष्म आरंभ होते ही नीम रक्त को शीतल और शुद्ध करता है।

क्या गुड़ी पड़वा और उगादी एक ही हैं?

वे एक ही दिन हैं — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष — जो महाराष्ट्र और कोंकण में गुड़ी पड़वा और कर्नाटक, आंध्र तथा तेलंगाना में उगादी रूप में क्षेत्रीय प्रथाओं सहित मनाया जाता है।

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