Festival Calendar

गुरु नानक जयंती 1963

कार्तिक पूर्णिमा को गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व।

इस वर्ष की तिथि देखें — गुरु नानक जयंती 2026 कब है
गुरु नानक जयंती has no occurrence in 1963 by the computed rules — check the adjacent years.

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

गुरु नानक जयंती की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

गुरु नानक जयंती — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु नानक जयंती कब मनाई जाती है?

कार्तिक पूर्णिमा को, कार्तिक की पूर्णिमा, शरद ऋतु में। यह गुरपुरब अथवा प्रकाश उत्सव कहलाती है, गुरु नानक के संसार में आगमन का उत्सव। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

गुरु नानक जयंती कैसे मनाई जाती है?

अखंड पाठ (गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ) से, जो उस दिन प्रातः पूर्ण होता है, अमृत वेला में प्रातःकालीन कीर्तन, पूर्व संध्या पर नगर कीर्तन शोभायात्रा, अरदास, और सबको समान रूप में परोसा जाने वाला लंगर। यह मूर्ति-पूजा या उपवास से नहीं मनाई जाती।

नगर कीर्तन क्या है?

नगर की गलियों में निकाली जाने वाली शोभायात्रा, जिसका नेतृत्व पंज प्यारे और सजी पालकी पर गुरु ग्रंथ साहिब करते हैं, और संगत शबद गाती है। यह गुरपुरब उत्सव का केंद्रीय अंग है।

गुरु नानक ने क्या उपदेश दिया?

ईश्वर की एकता (इक ओंकार) और ईमानदार श्रम (किरत करनी), दूसरों से बाँटने (वंड छकना) तथा नाम-स्मरण (नाम जपना) पर आधारित जीवन, जाति-भेद और खोखले कर्मकांड को अस्वीकार करते हुए।