Festival Calendar

हरतालिका तीज 2052

शिव हेतु पार्वती की तपस्या — भाद्रपद शुक्ल तृतीया।

हरतालिका तीज 2052 date
मंगलवार, 27 अगस्त 2052
Tithi: भाद्रपद शुक्ल तृतीया
Tithi window: 03:39 PM, सोमवार, 26 अगस्त 2052 → 04:09 PM, मंगलवार, 27 अगस्त 2052
हरतालिका तीज 2052
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:36
  • सूर्यास्त18:23
  • व्रत अवधि (तिथि)2052-08-26 · 15:39 → 16:09
  • पारण (तिथि समाप्ति)16:09

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

हरतालिका तीज की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

हरतालिका तीज — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरतालिका तीज कब मनाई जाती है?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को, वर्षा ऋतु के अंत में — शुक्ल पक्ष का तीसरा दिन, गणेश चतुर्थी से एक दिन पूर्व। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

क्या हरतालिका तीज का व्रत सचमुच निर्जल होता है?

परंपरा से हाँ — यह निर्जल व्रत है जो पूरे एक दिन और रात्रि, रात्रि जागरण सहित, अन्न-जल रहित रखा जाता है। जो पूर्ण रूप से न रख सकें वे फल या जल ले सकते हैं, किंतु शास्त्रीय व्रत निर्जल है।

हरतालिका तीज का व्रत कौन रखता है?

विवाहित स्त्रियाँ पति की दीर्घायु और कल्याण हेतु, तथा कुमारी कन्याएँ योग्य वर हेतु रखती हैं। पूजन पार्वती और शिव का साथ-साथ होता है, जिन्हें स्त्रियाँ स्वयं मिट्टी से गढ़ती हैं।

हरतालिका तीज हरियाली तीज से किस प्रकार भिन्न है?

हरियाली तीज श्रावण में पड़ती है और झूले-मेहंदी का हल्का उत्सव है। हरतालिका तीज एक मास पश्चात भाद्रपद में पड़ती है और कठोर निर्जल व्रत तथा पार्वती की तपस्या की कथा पर केंद्रित है।

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