Festival Calendar
महाशिवरात्रि 2087
शिव की महान रात्रि — फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को रात्रि जागरण, व्रत और रुद्राभिषेक।
महाशिवरात्रि 2087 date
सोमवार, 3 मार्च 2087
Tithi: फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
Tithi window: 10:39 AM, सोमवार, 3 मार्च 2087 → 08:14 AM, मंगलवार, 4 मार्च 2087
महाशिवरात्रि 2087
आरंभ में00दिन
:00घंटे
:00मिनट
:00सेकंड
आज का पंचांग
काशी संदर्भ · तुरंत गणना- तिथि
- अष्टमी
- तक 18:59
- नक्षत्र
- भरणी
- तक 20:18
- योग
- गण्ड
- करण
- बालव
- सूर्योदय
- 05:27
- सूर्यास्त
- 18:40
- चंद्र राशि
- मेष
- सूर्य राशि
- कर्क
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)06:20
- निशीथ पूजा (मध्यरात्रि)23:46 – 00:34
- व्रत अवधि (तिथि)10:39 → 2087-03-04 · 08:14
- पारण (तिथि समाप्ति)08:142087-03-04
Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.
महाशिवरात्रि की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंमहाशिवरात्रि — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या महाशिवरात्रि पर रात्रि भर जागना चाहिए?
हाँ — जागरण ही व्रत है, उसका पूरक नहीं। पूर्ण विधि में रात्रि के चारों प्रहरों में क्रमशः जल, दही, घी और मधु से अभिषेक किया जाता है।
शिवलिंग पर क्या अर्पित नहीं करना चाहिए?
तुलसी, केतकी पुष्प, हल्दी और नारियल जल वर्जित हैं। बिल्वपत्र, जल, दूध, भंग, धतूरा और श्वेत पुष्प अर्पित किए जाते हैं।
शिवरात्रि व्रत का पारण कब होता है?
अगले प्रातः, सूर्योदय के पश्चात, और परंपरा से चतुर्दशी तिथि की समाप्ति पर — पूजन के बाद अर्धरात्रि में नहीं।
Other major festivals in 2087
- मकर संक्रांति — 15 जनवरी 2087
- वसंत पंचमी — 7 फ़रवरी 2087
- होलिका दहन — 18 मार्च 2087
- होली — 20 मार्च 2087
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 4 अप्रैल 2087
- राम नवमी — 11 अप्रैल 2087
- अक्षय तृतीया — 5 मई 2087
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 2 जुलाई 2087
- गुरु पूर्णिमा — 15 जुलाई 2087
- नाग पंचमी — 3 अगस्त 2087
- रक्षा बंधन — 14 अगस्त 2087
- कृष्ण जन्माष्टमी — 20 अगस्त 2087
- हरतालिका तीज — 31 अगस्त 2087
- गणेश चतुर्थी — 1 सितंबर 2087
- अनंत चतुर्दशी — 11 सितंबर 2087
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 13 सितंबर 2087
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 27 सितंबर 2087
- दुर्गा अष्टमी — 5 अक्टूबर 2087
- महानवमी — 6 अक्टूबर 2087
- दशहरा / विजयादशमी — 7 अक्टूबर 2087
- धनतेरस — 23 अक्टूबर 2087
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 25 अक्टूबर 2087
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 25 अक्टूबर 2087
- गोवर्धन पूजा — 27 अक्टूबर 2087
- भाई दूज — 28 अक्टूबर 2087
- छठ पूजा — 1 नवंबर 2087
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 10 नवंबर 2087
- गुरु नानक जयंती — 10 नवंबर 2087
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