मकर संक्रांति 2087
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश — पतंग, तिल-गुड़ और पवित्र स्नान का पर्व; दक्षिण भारत में पोंगल।
आज का पंचांग
काशी संदर्भ · तुरंत गणना- तिथि
- अष्टमी
- तक 18:59
- नक्षत्र
- भरणी
- तक 20:18
- योग
- गण्ड
- करण
- बालव
- सूर्योदय
- 05:27
- सूर्यास्त
- 18:40
- चंद्र राशि
- मेष
- सूर्य राशि
- कर्क
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संक्रांति क्षण06:17
Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.
मकर संक्रांति की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंमकर संक्रांति — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मकर संक्रांति प्रायः एक ही तारीख को क्यों पड़ती है?
यह सौर पर्व है, जो सूर्य के निरयण मकर-प्रवेश से निश्चित होता है, किसी चंद्र तिथि से नहीं। चंद्र-पर्व सिविल कैलेंडर के सापेक्ष खिसकते हैं; यह नहीं।
पुण्य काल क्या है?
संक्रांति के क्षण से गिनी जाने वाली वह पुण्य-अवधि जिसमें स्नान और दान पर्व का पूर्ण फल देते हैं। संक्रांति सूर्यास्त के पश्चात हो तो यह अगले प्रातः चली जाती है।
इस दिन तिल और गुड़ क्यों दिए जाते हैं?
तिल-गुड़ इस भाव से बाँटे जाते हैं कि देने और लेने वाले के बीच वाणी मधुर रहे। दान — तिल, गुड़, कंबल अथवा अन्न का — इस दिन का केंद्रीय कर्म है।
Other major festivals in 2087
- वसंत पंचमी — 7 फ़रवरी 2087
- महाशिवरात्रि — 3 मार्च 2087
- होलिका दहन — 18 मार्च 2087
- होली — 20 मार्च 2087
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 4 अप्रैल 2087
- राम नवमी — 11 अप्रैल 2087
- अक्षय तृतीया — 5 मई 2087
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 2 जुलाई 2087
- गुरु पूर्णिमा — 15 जुलाई 2087
- नाग पंचमी — 3 अगस्त 2087
- रक्षा बंधन — 14 अगस्त 2087
- कृष्ण जन्माष्टमी — 20 अगस्त 2087
- हरतालिका तीज — 31 अगस्त 2087
- गणेश चतुर्थी — 1 सितंबर 2087
- अनंत चतुर्दशी — 11 सितंबर 2087
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 13 सितंबर 2087
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 27 सितंबर 2087
- दुर्गा अष्टमी — 5 अक्टूबर 2087
- महानवमी — 6 अक्टूबर 2087
- दशहरा / विजयादशमी — 7 अक्टूबर 2087
- धनतेरस — 23 अक्टूबर 2087
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 25 अक्टूबर 2087
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 25 अक्टूबर 2087
- गोवर्धन पूजा — 27 अक्टूबर 2087
- भाई दूज — 28 अक्टूबर 2087
- छठ पूजा — 1 नवंबर 2087
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 10 नवंबर 2087
- गुरु नानक जयंती — 10 नवंबर 2087
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