राहु–केतु अक्ष · कर्मिक संरेखण

कालसर्प योग कैलकुलेटर

जाँचें कि क्या आपकी कुंडली में कालसर्प योग है — जब सातों शास्त्रीय ग्रह राहु–केतु अक्ष के एक ही ओर हों — और बारह नामों में से वह कौन सा प्रकार है। मुफ्त और आपकी सटीक जन्म कुंडली से गणना की गई।

Pick from the list — the ascendant depends on the exact coordinates.

कालसर्प योग क्या है?

कालसर्प योग तब बनता है जब आपकी जन्म कुंडली में सातों शास्त्रीय ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु–केतु अक्ष के एक ही ओर पड़ें। इसके बारह नामित प्रकार हैं — अनंत, कुलिक, वासुकी, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखनाद, पातक (घातक), विषधर और शेष — प्रत्येक का अर्थ इस पर निर्भर करता है कि राहु और केतु किन भावों में हैं।

क्या कालसर्प योग का होना बुरा है?

आधुनिक वैदिक ज्योतिष कालसर्प योग को एक कर्मिक चुनौती मानता है जो धैर्य और सचेत प्रयास माँगती है — कई अत्यंत सफल लोगों की कुंडली में यह योग है। कुंडली के अन्यत्र मज़बूत स्थिति, विशेषकर गुरु, सूर्य और कुंडली स्वामी की, इसके प्रभाव को पर्याप्त रूप से कम कर सकती है।