शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1939

1939 की 37 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
16 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
18 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी
26 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
27 जनवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
1 फ़रवरीबुधवारमृगशिराद्वादशी
5 फ़रवरीरविवारमघाप्रतिपदा
8 फ़रवरीबुधवारहस्तपंचमी
10 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीसप्तमी
16 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
17 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
22 फ़रवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
27 फ़रवरीसोमवाररोहिणीअष्टमी

मार्च

2 मुहूर्त
5 मार्चरविवारमघापूर्णिमा
11 मार्चशनिवारअनुराधाषष्ठी

अप्रैल

2 मुहूर्त
24 अप्रैलसोमवारमृगशिरापंचमी
30 अप्रैलरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी

मई

11 मुहूर्त
1 मईसोमवारहस्तत्रयोदशी
3 मईबुधवारस्वातीपूर्णिमा
5 मईशुक्रवारअनुराधाद्वितीया
10 मईबुधवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
15 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
20 मईशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
21 मईरविवारमृगशिराद्वितीया
26 मईशुक्रवारमघाअष्टमी
28 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
29 मईसोमवारहस्तएकादशी
31 मईबुधवारस्वातीत्रयोदशी

जून

5 मुहूर्त
2 जूनशुक्रवारअनुराधापूर्णिमा
4 जूनरविवारमूलद्वितीया
12 जूनसोमवाररेवतीदशमी
22 जूनगुरुवारमघाषष्ठी
24 जूनशनिवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
23 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी
27 नवंबरसोमवाररोहिणीप्रतिपदा

दिसंबर

3 मुहूर्त
3 दिसंबररविवारमघासप्तमी
6 दिसंबरबुधवारहस्तदशमी
8 दिसंबरशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष