शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1937

1937 की 54 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
18 जनवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
23 जनवरीशनिवाररोहिणीद्वादशी
24 जनवरीरविवारमृगशिरात्रयोदशी
28 जनवरीगुरुवारमघाद्वितीया
31 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
1 फ़रवरीसोमवारहस्तषष्ठी
3 फ़रवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
7 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
14 फ़रवरीरविवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
15 फ़रवरीसोमवाररेवतीपंचमी
20 फ़रवरीशनिवारमृगशिरादशमी
25 फ़रवरीगुरुवारमघापूर्णिमा
27 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
28 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया

मार्च

2 मुहूर्त
4 मार्चगुरुवारअनुराधासप्तमी
7 मार्चरविवारमूलदशमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
15 अप्रैलगुरुवारमृगशिरापंचमी
22 अप्रैलगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
23 अप्रैलशुक्रवारहस्तत्रयोदशी
26 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
28 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया

मई

12 मुहूर्त
2 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
3 मईसोमवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
7 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
8 मईशनिवाररेवतीद्वादशी
12 मईबुधवाररोहिणीद्वितीया
13 मईगुरुवारमृगशिरातृतीया
20 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
21 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
23 मईरविवारस्वातीत्रयोदशी
27 मईगुरुवारमूलद्वितीया
28 मईशुक्रवारमूलतृतीया
30 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

9 मुहूर्त
4 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 जूनशनिवाररेवतीएकादशी
9 जूनबुधवारमृगशिराप्रतिपदा
14 जूनसोमवारमघाषष्ठी
16 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
19 जूनशनिवारस्वातीएकादशी
21 जूनसोमवारअनुराधात्रयोदशी
24 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
26 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

3 मुहूर्त
1 जुलाईगुरुवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
2 जुलाईशुक्रवाररेवतीअष्टमी
14 जुलाईबुधवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
15 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
19 नवंबरशुक्रवाररोहिणीप्रतिपदा
20 नवंबरशनिवारमृगशिराद्वितीया
25 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
27 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 नवंबररविवारहस्तएकादशी

दिसंबर

3 मुहूर्त
4 दिसंबरशनिवारमूलप्रतिपदा
5 दिसंबररविवारमूलद्वितीया
13 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष