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दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2032

प्रकाश पर्व — प्रदोष काल में अमावस्या व्याप्त रहते लक्ष्मी पूजन।

दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2032 date
मंगलवार, 2 नवंबर 2032
Tithi: कार्तिक अमावस्या
Tithi window: 10:15 AM, मंगलवार, 2 नवंबर 2032 → 11:15 AM, बुधवार, 3 नवंबर 2032
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2032
आरंभ में
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आज का पंचांग

काशी संदर्भ · तुरंत गणना
तिथि
अष्टमी
तक 18:59
नक्षत्र
भरणी
तक 20:18
योग
गण्ड
करण
बालव
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:40
चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कर्क

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:06
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त17:16 – 19:40
  • व्रत अवधि (तिथि)10:15 → 2032-11-03 · 11:15
  • पारण (तिथि समाप्ति)11:152032-11-03

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

दीपावली (लक्ष्मी पूजा) की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का सही समय क्या है?

लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में किया जाता है, जो सूर्यास्त से आरंभ होता है, और वृषभ जैसे स्थिर लग्न में श्रेष्ठ माना जाता है। सटीक समय नगर के अनुसार बदलता है, क्योंकि वह स्थानीय सूर्यास्त पर निर्भर है।

दीपावली अमावस्या की रात्रि को क्यों मनाई जाती है?

कार्तिक अमावस्या चंद्र वर्ष की सर्वाधिक अंधकारमय रात्रि है। उसी पर दीप जलाना ही मर्म है: यह पर्व वहाँ प्रकाश उत्पन्न करने का है जहाँ प्रकाश दिया नहीं गया।

गणेश जी को लक्ष्मी जी के दाएँ रखें या बाएँ?

प्रतिमाओं के सम्मुख खड़े होकर देखने पर गणेश जी लक्ष्मी जी के दाहिनी ओर स्थापित किए जाते हैं। आवाहन सर्वप्रथम उन्हीं का होता है, क्योंकि प्रत्येक कर्म उन्हीं से आरंभ होता है।

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