जगन्नाथ रथ यात्रा 2087
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को पुरी की रथ यात्रा।
आज का पंचांग
काशी संदर्भ · तुरंत गणना- तिथि
- अष्टमी
- तक 18:59
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- भरणी
- तक 20:18
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- 05:27
- सूर्यास्त
- 18:40
- चंद्र राशि
- मेष
- सूर्य राशि
- कर्क
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:11
- सूर्यास्त18:52
- व्रत अवधि (तिथि)2087-07-01 · 12:31 → 10:32
- पारण (तिथि समाप्ति)10:32
Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.
जगन्नाथ रथ यात्रा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंजगन्नाथ रथ यात्रा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जगन्नाथ रथ यात्रा कब मनाई जाती है?
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया को, वर्षा ऋतु के आरंभ में — शुक्ल पक्ष का दूसरा दिन। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
रथ यात्रा में कौन-से विग्रह विराजते हैं?
तीन: जगन्नाथ (कृष्ण अथवा विष्णु का रूप), उनके ज्येष्ठ भ्राता बलभद्र, और उनकी बहन सुभद्रा। प्रत्येक का पृथक रथ है — नंदिघोष, तालध्वज और दर्पदलन — जो प्रति वर्ष नया बनाया जाता है।
रथ खींचना शुभ क्यों माना जाता है?
इस दिन विग्रह गर्भगृह छोड़कर जनता के पास आते हैं, और कोई भी, किसी भी पद का, रस्सी खींच सकता और खुले में दर्शन कर सकता है। रथ, विशेषतः जगन्नाथ के नंदिघोष, को खींचना महान आशीर्वाद माना जाता है।
रथ यात्रा में विग्रह कहाँ जाते हैं?
पुरी के जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक, जो उनकी मौसी का घर अथवा जन्मस्थान माना जाता है, जहाँ वे कुछ दिन रहकर वापसी यात्रा, बाहुड़ा यात्रा, करते हैं।
Other major festivals in 2087
- मकर संक्रांति — 15 जनवरी 2087
- वसंत पंचमी — 7 फ़रवरी 2087
- महाशिवरात्रि — 3 मार्च 2087
- होलिका दहन — 18 मार्च 2087
- होली — 20 मार्च 2087
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 4 अप्रैल 2087
- राम नवमी — 11 अप्रैल 2087
- अक्षय तृतीया — 5 मई 2087
- गुरु पूर्णिमा — 15 जुलाई 2087
- नाग पंचमी — 3 अगस्त 2087
- रक्षा बंधन — 14 अगस्त 2087
- कृष्ण जन्माष्टमी — 20 अगस्त 2087
- हरतालिका तीज — 31 अगस्त 2087
- गणेश चतुर्थी — 1 सितंबर 2087
- अनंत चतुर्दशी — 11 सितंबर 2087
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 13 सितंबर 2087
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 27 सितंबर 2087
- दुर्गा अष्टमी — 5 अक्टूबर 2087
- महानवमी — 6 अक्टूबर 2087
- दशहरा / विजयादशमी — 7 अक्टूबर 2087
- धनतेरस — 23 अक्टूबर 2087
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 25 अक्टूबर 2087
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 25 अक्टूबर 2087
- गोवर्धन पूजा — 27 अक्टूबर 2087
- भाई दूज — 28 अक्टूबर 2087
- छठ पूजा — 1 नवंबर 2087
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 10 नवंबर 2087
- गुरु नानक जयंती — 10 नवंबर 2087
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