Festival Calendar

कृष्ण जन्माष्टमी 2007

मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म — निशिता में व्याप्त भाद्रपद कृष्ण अष्टमी।

इस वर्ष की तिथि देखें — कृष्ण जन्माष्टमी 2026 कब है
कृष्ण जन्माष्टमी 2007 date
सोमवार, 3 सितंबर 2007
Tithi: भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
Tithi window: 09:01 PM, सोमवार, 3 सितंबर 2007 → 07:05 PM, मंगलवार, 4 सितंबर 2007

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:39
  • निशीथ पूजा (मध्यरात्रि)23:34 – 00:22
  • व्रत अवधि (तिथि)21:01 → 2007-09-04 · 19:05
  • पारण (तिथि समाप्ति)19:052007-09-04

Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.

कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

कृष्ण जन्माष्टमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन्माष्टमी का पूजन अर्धरात्रि में क्यों होता है?

श्रीकृष्ण का जन्म अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में माना जाता है, अतः पूजन प्रातः नहीं, निशीथ काल में किया जाता है। उसके पश्चात व्रत खोला जाता है।

जन्माष्टमी की तिथि कभी-कभी एक दिन आगे-पीछे क्यों होती है?

स्मार्त परंपरा अर्धरात्रि की अष्टमी तिथि को मानती है; वैष्णव परंपरा रोहिणी नक्षत्र की भी अपेक्षा कर सकती है और उदया-तिथि के नियम भिन्न रूप से लगाती है। दोनों के न मिलने पर व्रत एक दिन के अंतर से पड़ता है।

जन्माष्टमी व्रत में क्या खाया जा सकता है?

फल, दूध, दही, जल तथा कुट्टू और सिंघाड़े जैसे व्रत के आटे। अन्न, प्याज और लहसुन अगले प्रातः पारण तक वर्जित रहते हैं।

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