Festival Calendar
करवा चौथ 1904
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी — चंद्रोदय तक सुहागिनों का निर्जल व्रत।
इस वर्ष की तिथि देखें — करवा चौथ 2026 कब है
करवा चौथ 1904 date
गुरुवार, 27 अक्टूबर 1904
Tithi: कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
Tithi window: 07:25 PM, गुरुवार, 27 अक्टूबर 1904 → 07:33 PM, शुक्रवार, 28 अक्टूबर 1904
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)06:03
- चंद्रोदय · काशी19:50शहर अनुसार समय शीघ्र
- व्रत अवधि (तिथि)19:25 → 1904-10-28 · 19:33
- पारण (तिथि समाप्ति)19:331904-10-28
Festival days follow the classical attribution rules — udaya (sunrise), pradosha (evening), nishita (midnight), madhyahna or aparahna vyapini as each festival prescribes — computed for Kashi/Varanasi (IST). Regional observance can differ by a day in some years.
करवा चौथ की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंकरवा चौथ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
करवा चौथ का व्रत ठीक कब खुलता है?
केवल चंद्रमा के वास्तविक दर्शन के पश्चात — किसी नियत घड़ी पर नहीं। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी का चंद्रोदय नगर के अनुसार भिन्न होता है और प्रायः संध्या में पड़ता है।
चंद्रमा को छलनी से क्यों देखा जाता है?
छलनी से चंद्रमा देखा जाता है और तत्क्षण उसी छलनी से, उसी प्रकाश में, पति को। परंपरा यह भी मानती है कि इससे चतुर्थी के चंद्र की सीधी दृष्टि कोमल हो जाती है।
क्या व्रत जल के साथ रखा जा सकता है?
परंपरागत रूप निर्जला है। गर्भवती, अस्वस्थ अथवा वृद्ध स्त्रियाँ फल और जल सहित फलाहार व्रत रखती हैं, जो मान्य है।
Other major festivals in 1904
- मकर संक्रांति — 14 जनवरी 1904
- वसंत पंचमी — 23 जनवरी 1904
- महाशिवरात्रि — 14 फ़रवरी 1904
- होलिका दहन — 1 मार्च 1904
- होली — 2 मार्च 1904
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 18 मार्च 1904
- राम नवमी — 26 मार्च 1904
- अक्षय तृतीया — 18 अप्रैल 1904
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 14 जुलाई 1904
- गुरु पूर्णिमा — 27 जुलाई 1904
- नाग पंचमी — 15 अगस्त 1904
- रक्षा बंधन — 25 अगस्त 1904
- कृष्ण जन्माष्टमी — 2 सितंबर 1904
- हरतालिका तीज — 12 सितंबर 1904
- गणेश चतुर्थी — 13 सितंबर 1904
- अनंत चतुर्दशी — 23 सितंबर 1904
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 25 सितंबर 1904
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 10 अक्टूबर 1904
- दुर्गा अष्टमी — 16 अक्टूबर 1904
- महानवमी — 17 अक्टूबर 1904
- दशहरा / विजयादशमी — 18 अक्टूबर 1904
- धनतेरस — 5 नवंबर 1904
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 6 नवंबर 1904
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 7 नवंबर 1904
- गोवर्धन पूजा — 8 नवंबर 1904
- भाई दूज — 9 नवंबर 1904
- छठ पूजा — 13 नवंबर 1904
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 23 नवंबर 1904
- गुरु नानक जयंती — 23 नवंबर 1904
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