शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1963

1963 की 76 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
16 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
21 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
23 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी
30 जनवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
31 जनवरीगुरुवाररेवतीसप्तमी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
3 फ़रवरीरविवाररोहिणीदशमी
4 फ़रवरीसोमवारमृगशिराएकादशी
9 फ़रवरीशनिवारमघाप्रतिपदा
13 फ़रवरीबुधवारहस्तपंचमी
15 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी
17 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी
21 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी

मार्च

2 मुहूर्त
3 मार्चरविवाररोहिणीअष्टमी
11 मार्चसोमवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा

अप्रैल

4 मुहूर्त
15 अप्रैलसोमवारमूलषष्ठी
17 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
22 अप्रैलसोमवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
26 अप्रैलशुक्रवाररोहिणीतृतीया

मई

10 मुहूर्त
4 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
5 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
6 मईसोमवारहस्तत्रयोदशी
8 मईबुधवारस्वातीपूर्णिमा
10 मईशुक्रवारअनुराधाद्वितीया
19 मईरविवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
20 मईसोमवाररेवतीद्वादशी
24 मईशुक्रवाररोहिणीप्रतिपदा
25 मईशनिवारमृगशिरातृतीया
30 मईगुरुवारमघाअष्टमी

जून

8 मुहूर्त
1 जूनशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
2 जूनरविवारहस्तएकादशी
8 जूनशनिवारमूलप्रतिपदा
9 जूनरविवारमूलद्वितीया
17 जूनसोमवाररेवतीदशमी
26 जूनबुधवारमघापंचमी
28 जूनशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
29 जूनशनिवारहस्तअष्टमी

जुलाई

12 मुहूर्त
1 जुलाईसोमवारस्वातीदशमी
4 जुलाईगुरुवारअनुराधात्रयोदशी
6 जुलाईशनिवारमूलपूर्णिमा
8 जुलाईसोमवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया
13 जुलाईशनिवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
14 जुलाईरविवाररेवतीअष्टमी
18 जुलाईगुरुवारमृगशिराद्वादशी
25 जुलाईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
26 जुलाईशुक्रवारहस्तषष्ठी
27 जुलाईशनिवारहस्तसप्तमी
29 जुलाईसोमवारस्वातीअष्टमी
31 जुलाईबुधवारअनुराधादशमी

अगस्त

8 मुहूर्त
2 अगस्तशुक्रवारमूलद्वादशी
10 अगस्तशनिवाररेवतीपंचमी
14 अगस्तबुधवाररोहिणीदशमी
15 अगस्तगुरुवारमृगशिराएकादशी
22 अगस्तगुरुवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
25 अगस्तरविवारस्वातीषष्ठी
29 अगस्तगुरुवारमूलदशमी
30 अगस्तशुक्रवारमूलएकादशी

सितंबर

8 मुहूर्त
1 सितंबररविवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
5 सितंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
6 सितंबरशुक्रवाररेवतीतृतीया
18 सितंबरबुधवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
19 सितंबरगुरुवारहस्तद्वितीया
21 सितंबरशनिवारस्वातीतृतीया
26 सितंबरगुरुवारमूलअष्टमी
28 सितंबरशनिवारउत्तर आषाढ़ादशमी

अक्टूबर

1 मुहूर्त
3 अक्टूबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदापूर्णिमा

नवंबर

7 मुहूर्त
4 नवंबरसोमवाररोहिणीतृतीया
11 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
13 नवंबरबुधवारहस्तत्रयोदशी
17 नवंबररविवारअनुराधाप्रतिपदा
22 नवंबरशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
27 नवंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
28 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
1 दिसंबररविवाररोहिणीप्रतिपदा
2 दिसंबरसोमवारमृगशिराद्वितीया
7 दिसंबरशनिवारमघासप्तमी
12 दिसंबरगुरुवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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