शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1978

1978 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
15 जनवरीरविवाररेवतीसप्तमी
20 जनवरीशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
21 जनवरीशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
26 जनवरीगुरुवारमघाद्वितीया
29 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
30 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
1 फ़रवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
4 फ़रवरीशनिवारमूलएकादशी
12 फ़रवरीरविवाररेवतीपंचमी
17 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
23 फ़रवरीगुरुवारमघापूर्णिमा
25 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
26 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया

मार्च

4 मुहूर्त
2 मार्चगुरुवारअनुराधाअष्टमी
4 मार्चशनिवारमूलदशमी
10 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
11 मार्चशनिवाररेवतीतृतीया

अप्रैल

3 मुहूर्त
21 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
27 अप्रैलगुरुवारमूलपंचमी
29 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

6 मुहूर्त
4 मईगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
5 मईशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी
10 मईबुधवारमृगशिरातृतीया
18 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
19 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
31 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी

जून

8 मुहूर्त
1 जूनगुरुवाररेवतीएकादशी
7 जूनबुधवारमृगशिराद्वितीया
12 जूनसोमवारमघाषष्ठी
14 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
17 जूनशनिवारस्वातीएकादशी
19 जूनसोमवारअनुराधात्रयोदशी
21 जूनबुधवारमूलप्रतिपदा
23 जूनशुक्रवारउत्तर आषाढ़ातृतीया

जुलाई

4 मुहूर्त
3 जुलाईसोमवाररोहिणीत्रयोदशी
12 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
13 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
15 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
11 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
12 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
16 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
17 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
23 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
25 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
26 नवंबररविवारहस्तएकादशी

दिसंबर

5 मुहूर्त
2 दिसंबरशनिवारमूलद्वितीया
4 दिसंबरसोमवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
9 दिसंबरशनिवाररेवतीदशमी
14 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा
15 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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