जनवरी
4 मुहूर्त| 20 जनवरी | बुधवार | रेवती | सप्तमी |
| 24 जनवरी | रविवार | रोहिणी | एकादशी |
| 25 जनवरी | सोमवार | मृगशिरा | द्वादशी |
| 30 जनवरी | शनिवार | मघा | द्वितीया |
फ़रवरी
5 मुहूर्त| 4 फ़रवरी | गुरुवार | स्वाती | सप्तमी |
| 8 फ़रवरी | सोमवार | मूल | द्वादशी |
| 20 फ़रवरी | शनिवार | रोहिणी | अष्टमी |
| 22 फ़रवरी | सोमवार | मृगशिरा | दशमी |
| 27 फ़रवरी | शनिवार | मघा | पूर्णिमा |
मार्च
4 मुहूर्त| 1 मार्च | सोमवार | उत्तर फाल्गुनी | द्वितीया |
| 3 मार्च | बुधवार | स्वाती | पंचमी |
| 5 मार्च | शुक्रवार | अनुराधा | सप्तमी |
| 14 मार्च | रविवार | उत्तर भाद्रपदा | प्रतिपदा |
अप्रैल
4 मुहूर्त| 17 अप्रैल | शनिवार | मृगशिरा | पंचमी |
| 23 अप्रैल | शुक्रवार | मघा | एकादशी |
| 25 अप्रैल | रविवार | हस्त | त्रयोदशी |
| 29 अप्रैल | गुरुवार | अनुराधा | तृतीया |
मई
13 मुहूर्त| 1 मई | शनिवार | मूल | पंचमी |
| 3 मई | सोमवार | उत्तर आषाढ़ा | सप्तमी |
| 8 मई | शनिवार | उत्तर भाद्रपदा | द्वादशी |
| 9 मई | रविवार | रेवती | त्रयोदशी |
| 13 मई | गुरुवार | रोहिणी | द्वितीया |
| 14 मई | शुक्रवार | रोहिणी | द्वितीया |
| 15 मई | शनिवार | मृगशिरा | तृतीया |
| 20 मई | गुरुवार | मघा | अष्टमी |
| 22 मई | शनिवार | उत्तर फाल्गुनी | दशमी |
| 23 मई | रविवार | हस्त | एकादशी |
| 26 मई | बुधवार | अनुराधा | पूर्णिमा |
| 28 मई | शुक्रवार | मूल | द्वितीया |
| 30 मई | रविवार | उत्तर आषाढ़ा | पंचमी |
जून
9 मुहूर्त| 4 जून | शुक्रवार | उत्तर भाद्रपदा | दशमी |
| 5 जून | शनिवार | रेवती | एकादशी |
| 11 जून | शुक्रवार | मृगशिरा | प्रतिपदा |
| 16 जून | बुधवार | मघा | षष्ठी |
| 18 जून | शुक्रवार | उत्तर फाल्गुनी | अष्टमी |
| 21 जून | सोमवार | स्वाती | एकादशी |
| 23 जून | बुधवार | अनुराधा | त्रयोदशी |
| 25 जून | शुक्रवार | मूल | प्रतिपदा |
| 26 जून | शनिवार | उत्तर आषाढ़ा | द्वितीया |
जुलाई
5 मुहूर्त| 1 जुलाई | गुरुवार | उत्तर भाद्रपदा | सप्तमी |
| 2 जुलाई | शुक्रवार | रेवती | अष्टमी |
| 7 जुलाई | बुधवार | रोहिणी | त्रयोदशी |
| 15 जुलाई | गुरुवार | उत्तर फाल्गुनी | पंचमी |
| 16 जुलाई | शुक्रवार | हस्त | षष्ठी |
अगस्त
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
सितंबर
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
अक्टूबर
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं
- सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
- तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
- वार मंगलवार न हो।
- दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
- सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।
प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।