शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2021

2021 की 52 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
20 जनवरीबुधवाररेवतीसप्तमी
24 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी
25 जनवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी
30 जनवरीशनिवारमघाद्वितीया

फ़रवरी

5 मुहूर्त
4 फ़रवरीगुरुवारस्वातीसप्तमी
8 फ़रवरीसोमवारमूलद्वादशी
20 फ़रवरीशनिवाररोहिणीअष्टमी
22 फ़रवरीसोमवारमृगशिरादशमी
27 फ़रवरीशनिवारमघापूर्णिमा

मार्च

4 मुहूर्त
1 मार्चसोमवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
3 मार्चबुधवारस्वातीपंचमी
5 मार्चशुक्रवारअनुराधासप्तमी
14 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा

अप्रैल

4 मुहूर्त
17 अप्रैलशनिवारमृगशिरापंचमी
23 अप्रैलशुक्रवारमघाएकादशी
25 अप्रैलरविवारहस्तत्रयोदशी
29 अप्रैलगुरुवारअनुराधातृतीया

मई

13 मुहूर्त
1 मईशनिवारमूलपंचमी
3 मईसोमवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
8 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
9 मईरविवाररेवतीत्रयोदशी
13 मईगुरुवाररोहिणीद्वितीया
14 मईशुक्रवाररोहिणीद्वितीया
15 मईशनिवारमृगशिरातृतीया
20 मईगुरुवारमघाअष्टमी
22 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
23 मईरविवारहस्तएकादशी
26 मईबुधवारअनुराधापूर्णिमा
28 मईशुक्रवारमूलद्वितीया
30 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

9 मुहूर्त
4 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 जूनशनिवाररेवतीएकादशी
11 जूनशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
16 जूनबुधवारमघाषष्ठी
18 जूनशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
21 जूनसोमवारस्वातीएकादशी
23 जूनबुधवारअनुराधात्रयोदशी
25 जूनशुक्रवारमूलप्रतिपदा
26 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

5 मुहूर्त
1 जुलाईगुरुवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
2 जुलाईशुक्रवाररेवतीअष्टमी
7 जुलाईबुधवाररोहिणीत्रयोदशी
15 जुलाईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
16 जुलाईशुक्रवारहस्तषष्ठी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
15 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
20 नवंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
21 नवंबररविवाररोहिणीद्वितीया
22 नवंबरसोमवारमृगशिरातृतीया
27 नवंबरशनिवारमघाअष्टमी
29 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीदशमी

दिसंबर

2 मुहूर्त
2 दिसंबरगुरुवारस्वातीत्रयोदशी
13 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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