शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2022

2022 की 55 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
15 जनवरीशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
21 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
23 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
24 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
28 जनवरीशुक्रवारअनुराधाएकादशी
29 जनवरीशनिवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
5 फ़रवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
6 फ़रवरीरविवाररेवतीषष्ठी
11 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
12 फ़रवरीशनिवारमृगशिराएकादशी
17 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
19 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
24 फ़रवरीगुरुवारअनुराधाअष्टमी
26 फ़रवरीशनिवारमूलदशमी
28 फ़रवरीसोमवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी

मार्च

3 मुहूर्त
4 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
5 मार्चशनिवाररेवतीतृतीया
10 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
16 अप्रैलशनिवारहस्तपूर्णिमा
18 अप्रैलसोमवारस्वातीद्वितीया
21 अप्रैलगुरुवारमूलपंचमी
23 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
28 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

6 मुहूर्त
4 मईबुधवारमृगशिरातृतीया
12 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
13 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
20 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
25 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
26 मईगुरुवाररेवतीएकादशी

जून

7 मुहूर्त
1 जूनबुधवारमृगशिराद्वितीया
6 जूनसोमवारमघाषष्ठी
8 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
11 जूनशनिवारस्वातीएकादशी
15 जूनबुधवारमूलप्रतिपदा
17 जूनशुक्रवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
23 जूनगुरुवाररेवतीदशमी

जुलाई

4 मुहूर्त
4 जुलाईसोमवारमघापंचमी
6 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
7 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
9 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

10 मुहूर्त
5 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
6 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
10 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
11 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
17 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
19 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
20 नवंबररविवारहस्तएकादशी
24 नवंबरगुरुवारअनुराधाप्रतिपदा
26 नवंबरशनिवारमूलतृतीया
28 नवंबरसोमवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
2 दिसंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
3 दिसंबरशनिवाररेवतीएकादशी
8 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा
9 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
14 दिसंबरबुधवारमघाषष्ठी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष