शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2025

2025 की 57 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
19 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
20 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
22 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
24 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
25 जनवरीशनिवारअनुराधाएकादशी
27 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
3 फ़रवरीसोमवाररेवतीपंचमी
7 फ़रवरीशुक्रवाररोहिणीदशमी
8 फ़रवरीशनिवारमृगशिराएकादशी
13 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
15 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
19 फ़रवरीबुधवारस्वातीषष्ठी
21 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधाअष्टमी
23 फ़रवरीरविवारमूलदशमी

मार्च

4 मुहूर्त
2 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
6 मार्चगुरुवाररोहिणीसप्तमी
7 मार्चशुक्रवारमृगशिराअष्टमी
12 मार्चबुधवारमघात्रयोदशी

अप्रैल

6 मुहूर्त
14 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
16 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
19 अप्रैलशनिवारमूलषष्ठी
21 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
26 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
30 अप्रैलबुधवाररोहिणीतृतीया

मई

8 मुहूर्त
8 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
9 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
12 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
14 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
18 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
23 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
24 मईशनिवाररेवतीद्वादशी
28 मईबुधवारमृगशिराद्वितीया

जून

8 मुहूर्त
2 जूनसोमवारमघासप्तमी
5 जूनगुरुवारहस्तदशमी
6 जूनशुक्रवारहस्तएकादशी
8 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
12 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
14 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
19 जूनगुरुवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
30 जूनसोमवारमघापंचमी

जुलाई

3 मुहूर्त
2 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
3 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
5 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

8 मुहूर्त
3 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
7 नवंबरशुक्रवाररोहिणीद्वितीया
8 नवंबरशनिवारमृगशिरातृतीया
15 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
16 नवंबररविवारहस्तद्वादशी
21 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
23 नवंबररविवारमूलतृतीया
30 नवंबररविवारउत्तर भाद्रपदादशमी

दिसंबर

6 मुहूर्त
1 दिसंबरसोमवाररेवतीएकादशी
5 दिसंबरशुक्रवाररोहिणीप्रतिपदा
6 दिसंबरशनिवारमृगशिराद्वितीया
10 दिसंबरबुधवारमघाषष्ठी
12 दिसंबरशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
14 दिसंबररविवारहस्तदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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