जनवरी
5 मुहूर्त| 16 जनवरी | शुक्रवार | मूल | त्रयोदशी |
| 19 जनवरी | सोमवार | उत्तर आषाढ़ा | प्रतिपदा |
| 24 जनवरी | शनिवार | उत्तर भाद्रपदा | षष्ठी |
| 25 जनवरी | रविवार | रेवती | सप्तमी |
| 29 जनवरी | गुरुवार | रोहिणी | एकादशी |
फ़रवरी
6 मुहूर्त| 6 फ़रवरी | शुक्रवार | हस्त | पंचमी |
| 8 फ़रवरी | रविवार | स्वाती | सप्तमी |
| 13 फ़रवरी | शुक्रवार | मूल | एकादशी |
| 15 फ़रवरी | रविवार | उत्तर आषाढ़ा | त्रयोदशी |
| 20 फ़रवरी | शुक्रवार | उत्तर भाद्रपदा | तृतीया |
| 26 फ़रवरी | गुरुवार | मृगशिरा | दशमी |
मार्च
4 मुहूर्त| 5 मार्च | गुरुवार | उत्तर फाल्गुनी | द्वितीया |
| 6 मार्च | शुक्रवार | हस्त | तृतीया |
| 8 मार्च | रविवार | स्वाती | पंचमी |
| 14 मार्च | शनिवार | उत्तर आषाढ़ा | दशमी |
मई
1 मुहूर्त| 1 मई | शुक्रवार | स्वाती | पूर्णिमा |
जून
7 मुहूर्त| 10 जून | बुधवार | उत्तर भाद्रपदा | दशमी |
| 11 जून | गुरुवार | रेवती | एकादशी |
| 20 जून | शनिवार | मघा | षष्ठी |
| 22 जून | सोमवार | उत्तर फाल्गुनी | अष्टमी |
| 25 जून | गुरुवार | स्वाती | एकादशी |
| 27 जून | शनिवार | अनुराधा | त्रयोदशी |
| 29 जून | सोमवार | मूल | पूर्णिमा |
जुलाई
8 मुहूर्त| 2 जुलाई | गुरुवार | उत्तर आषाढ़ा | द्वितीया |
| 8 जुलाई | बुधवार | रेवती | अष्टमी |
| 12 जुलाई | रविवार | रोहिणी | त्रयोदशी |
| 17 जुलाई | शुक्रवार | मघा | तृतीया |
| 19 जुलाई | रविवार | उत्तर फाल्गुनी | षष्ठी |
| 20 जुलाई | सोमवार | हस्त | सप्तमी |
| 22 जुलाई | बुधवार | स्वाती | अष्टमी |
| 24 जुलाई | शुक्रवार | अनुराधा | दशमी |
अगस्त
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
सितंबर
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
अक्टूबर
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं
- सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
- तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
- वार मंगलवार न हो।
- दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
- सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।
प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।