शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2028

2028 की 46 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
17 जनवरीसोमवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
19 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
21 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
22 जनवरीशनिवारअनुराधाएकादशी
24 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवाररेवतीषष्ठी
6 फ़रवरीरविवाररोहिणीदशमी
7 फ़रवरीसोमवारमृगशिराएकादशी
11 फ़रवरीशुक्रवारमघाप्रतिपदा
13 फ़रवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
16 फ़रवरीबुधवारस्वातीसप्तमी
20 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
28 फ़रवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदातृतीया

मार्च

2 मुहूर्त
4 मार्चशनिवाररोहिणीअष्टमी
12 मार्चरविवारहस्तद्वितीया

अप्रैल

4 मुहूर्त
15 अप्रैलशनिवारमूलषष्ठी
17 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
22 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
29 अप्रैलशनिवारमृगशिरापंचमी

मई

10 मुहूर्त
5 मईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
6 मईशनिवारहस्तद्वादशी
8 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
10 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
14 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
20 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
21 मईरविवाररेवतीद्वादशी
25 मईगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
26 मईशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
31 मईबुधवारमघाअष्टमी

जून

6 मुहूर्त
2 जूनशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
4 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
8 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
10 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
17 जूनशनिवाररेवतीदशमी
29 जूनगुरुवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

1 मुहूर्त
30 अक्टूबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी

नवंबर

5 मुहूर्त
5 नवंबररविवाररोहिणीतृतीया
13 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
17 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
19 नवंबररविवारमूलतृतीया
27 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी

दिसंबर

5 मुहूर्त
2 दिसंबरशनिवाररोहिणीपूर्णिमा
3 दिसंबररविवारमृगशिराप्रतिपदा
8 दिसंबरशुक्रवारमघासप्तमी
11 दिसंबरसोमवारहस्तदशमी
13 दिसंबरबुधवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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