शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2032

2032 की 55 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
18 जनवरीरविवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
19 जनवरीसोमवाररेवतीअष्टमी
23 जनवरीशुक्रवाररोहिणीएकादशी
24 जनवरीशनिवारमृगशिराद्वादशी
29 जनवरीगुरुवारमघाद्वितीया
30 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया

फ़रवरी

10 मुहूर्त
1 फ़रवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
2 फ़रवरीसोमवारहस्तषष्ठी
4 फ़रवरीबुधवारस्वातीसप्तमी
6 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
8 फ़रवरीरविवारमूलद्वादशी
15 फ़रवरीरविवाररेवतीपंचमी
20 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
26 फ़रवरीगुरुवारमघापूर्णिमा
28 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
29 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया

मार्च

3 मुहूर्त
4 मार्चगुरुवारअनुराधासप्तमी
8 मार्चसोमवारउत्तर आषाढ़ाएकादशी
13 मार्चशनिवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

6 मुहूर्त
14 अप्रैलबुधवाररोहिणीपंचमी
15 अप्रैलगुरुवारमृगशिराषष्ठी
23 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
26 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
28 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
30 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी

मई

9 मुहूर्त
2 मईरविवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
6 मईगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
7 मईशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी
12 मईबुधवारमृगशिरातृतीया
20 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
21 मईशुक्रवारहस्तएकादशी
23 मईरविवारस्वातीत्रयोदशी
27 मईगुरुवारमूलतृतीया
29 मईशनिवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

9 मुहूर्त
3 जूनगुरुवारउत्तर भाद्रपदादशमी
4 जूनशुक्रवाररेवतीएकादशी
9 जूनबुधवारमृगशिराप्रतिपदा
14 जूनसोमवारमघाषष्ठी
16 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
20 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
23 जूनबुधवारमूलपूर्णिमा
25 जूनशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया
30 जूनबुधवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

3 मुहूर्त
5 जुलाईसोमवाररोहिणीत्रयोदशी
14 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
15 जुलाईगुरुवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
14 नवंबररविवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
15 नवंबरसोमवाररेवतीत्रयोदशी
18 नवंबरगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
19 नवंबरशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
25 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
27 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 नवंबररविवारहस्तएकादशी

दिसंबर

2 मुहूर्त
4 दिसंबरशनिवारमूलद्वितीया
12 दिसंबररविवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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