शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2037

2037 की 38 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

3 मुहूर्त
22 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
23 जनवरीशुक्रवाररेवतीसप्तमी
28 जनवरीबुधवारमृगशिराएकादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
2 फ़रवरीसोमवारमघाद्वितीया
4 फ़रवरीबुधवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
6 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीसप्तमी
11 फ़रवरीबुधवारमूलद्वादशी
18 फ़रवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
20 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीपंचमी
25 फ़रवरीबुधवारमृगशिरादशमी

मार्च

4 मुहूर्त
4 मार्चबुधवारहस्ततृतीया
6 मार्चशुक्रवारस्वातीपंचमी
8 मार्चरविवारअनुराधासप्तमी
12 मार्चगुरुवारउत्तर आषाढ़ाएकादशी

अप्रैल

3 मुहूर्त
20 अप्रैलसोमवारमृगशिरापंचमी
25 अप्रैलशनिवारमघादशमी
27 अप्रैलसोमवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी

मई

1 मुहूर्त
31 मईरविवारमूलद्वितीया

जून

8 मुहूर्त
8 जूनसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी
14 जूनरविवारमृगशिराप्रतिपदा
19 जूनशुक्रवारमघाषष्ठी
20 जूनशनिवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
21 जूनरविवारहस्तअष्टमी
25 जूनगुरुवारअनुराधात्रयोदशी
27 जूनशनिवारमूलपूर्णिमा
29 जूनसोमवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

7 मुहूर्त
5 जुलाईरविवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
6 जुलाईसोमवाररेवतीअष्टमी
10 जुलाईशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
11 जुलाईशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
18 जुलाईशनिवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
19 जुलाईरविवारहस्तसप्तमी
22 जुलाईबुधवारअनुराधादशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

3 मुहूर्त
19 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी
25 नवंबरबुधवारमृगशिरातृतीया
30 नवंबरसोमवारमघाअष्टमी

दिसंबर

2 मुहूर्त
2 दिसंबरबुधवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
4 दिसंबरशुक्रवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष