शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2099

2099 की 40 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

3 मुहूर्त
17 जनवरीशनिवारअनुराधाएकादशी
19 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी
28 जनवरीबुधवाररेवतीसप्तमी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
1 फ़रवरीरविवाररोहिणीदशमी
2 फ़रवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी
8 फ़रवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
9 फ़रवरीसोमवारहस्तपंचमी
11 फ़रवरीबुधवारस्वातीसप्तमी
15 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
23 फ़रवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
28 फ़रवरीशनिवाररोहिणीअष्टमी

मार्च

4 मुहूर्त
8 मार्चरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
9 मार्चसोमवारहस्ततृतीया
12 मार्चगुरुवारअनुराधाषष्ठी
14 मार्चशनिवारमूलअष्टमी

अप्रैल

3 मुहूर्त
18 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
25 अप्रैलशनिवारमृगशिरापंचमी
30 अप्रैलगुरुवारमघादशमी

मई

11 मुहूर्त
2 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
4 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
6 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
10 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
16 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
17 मईरविवाररेवतीद्वादशी
21 मईगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
22 मईशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
27 मईबुधवारमघाअष्टमी
29 मईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
30 मईशनिवारहस्तएकादशी

जून

5 मुहूर्त
1 जूनसोमवारस्वातीत्रयोदशी
3 जूनबुधवारअनुराधापूर्णिमा
5 जूनशुक्रवारमूलद्वितीया
13 जूनशनिवाररेवतीदशमी
25 जूनगुरुवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
28 नवंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
29 नवंबररविवारमृगशिराद्वितीया

दिसंबर

4 मुहूर्त
4 दिसंबरशुक्रवारमघासप्तमी
7 दिसंबरसोमवारहस्तदशमी
9 दिसंबरबुधवारस्वातीद्वादशी
13 दिसंबररविवारमूलद्वितीया

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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