शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2098

2098 की 44 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
15 जनवरीबुधवारमृगशिरात्रयोदशी
22 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
24 जनवरीशुक्रवारस्वातीअष्टमी
27 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
29 जनवरीबुधवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
6 फ़रवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
7 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी
12 फ़रवरीबुधवारमृगशिराएकादशी
16 फ़रवरीरविवारमघाप्रतिपदा
21 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी
23 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी
27 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी

मार्च

3 मुहूर्त
5 मार्चबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
6 मार्चगुरुवाररेवतीतृतीया
10 मार्चसोमवाररोहिणीसप्तमी

अप्रैल

3 मुहूर्त
17 अप्रैलगुरुवारस्वातीद्वितीया
21 अप्रैलसोमवारमूलषष्ठी
23 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

8 मुहूर्त
4 मईरविवाररोहिणीतृतीया
11 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
12 मईसोमवारहस्तद्वादशी
16 मईशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
18 मईरविवारमूलतृतीया
21 मईबुधवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
26 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
31 मईशनिवाररोहिणीप्रतिपदा

जून

6 मुहूर्त
1 जूनरविवारमृगशिराद्वितीया
5 जूनगुरुवारमघाषष्ठी
8 जूनरविवारहस्तदशमी
15 जूनरविवारमूलद्वितीया
22 जूनरविवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
27 जूनशुक्रवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

3 मुहूर्त
3 जुलाईगुरुवारमघापंचमी
5 जुलाईशनिवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
6 जुलाईरविवारहस्तअष्टमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

5 मुहूर्त
6 नवंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
19 नवंबरबुधवारहस्तएकादशी
21 नवंबरशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी
23 नवंबररविवारअनुराधाप्रतिपदा
28 नवंबरशुक्रवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

4 मुहूर्त
3 दिसंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
4 दिसंबरगुरुवाररेवतीएकादशी
8 दिसंबरसोमवाररोहिणीपूर्णिमा
14 दिसंबररविवारमघासप्तमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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