शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2095

2095 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
17 जनवरीसोमवाररोहिणीद्वादशी
23 जनवरीरविवारमघातृतीया
26 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
29 जनवरीशनिवारस्वातीअष्टमी
31 जनवरीसोमवारअनुराधादशमी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवारमूलद्वादशी
9 फ़रवरीबुधवाररेवतीपंचमी
13 फ़रवरीरविवाररोहिणीदशमी
14 फ़रवरीसोमवारमृगशिराएकादशी
19 फ़रवरीशनिवारमघापूर्णिमा
25 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी
27 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी

मार्च

3 मुहूर्त
3 मार्चगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
12 मार्चशनिवाररोहिणीसप्तमी
13 मार्चरविवारमृगशिराअष्टमी

अप्रैल

6 मुहूर्त
15 अप्रैलशुक्रवारमघाएकादशी
17 अप्रैलरविवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
20 अप्रैलबुधवारस्वातीप्रतिपदा
21 अप्रैलगुरुवारस्वातीद्वितीया
25 अप्रैलसोमवारमूलपंचमी
27 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी

मई

9 मुहूर्त
2 मईसोमवाररेवतीत्रयोदशी
6 मईशुक्रवाररोहिणीतृतीया
14 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
15 मईरविवारहस्तएकादशी
16 मईसोमवारहस्तद्वादशी
20 मईशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
22 मईरविवारमूलतृतीया
29 मईरविवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
30 मईसोमवाररेवतीद्वादशी

जून

7 मुहूर्त
3 जूनशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
8 जूनबुधवारमघाषष्ठी
9 जूनगुरुवारमघासप्तमी
12 जूनरविवारहस्तदशमी
18 जूनशनिवारमूलप्रतिपदा
20 जूनसोमवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
25 जूनशनिवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

3 मुहूर्त
6 जुलाईबुधवारमघापंचमी
8 जुलाईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
9 जुलाईशनिवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
9 नवंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
10 नवंबरगुरुवाररेवतीत्रयोदशी
13 नवंबररविवाररोहिणीद्वितीया
14 नवंबरसोमवारमृगशिरातृतीया
19 नवंबरशनिवारमघाअष्टमी
21 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
23 नवंबरबुधवारहस्तद्वादशी

दिसंबर

3 मुहूर्त
7 दिसंबरबुधवाररेवतीएकादशी
11 दिसंबररविवाररोहिणीपूर्णिमा
12 दिसंबरसोमवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष