शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2092

2092 की 53 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
16 जनवरीबुधवाररेवतीअष्टमी
20 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी
21 जनवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी
27 जनवरीरविवारमघातृतीया
30 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
31 जनवरीगुरुवारस्वातीसप्तमी

फ़रवरी

5 मुहूर्त
4 फ़रवरीसोमवारमूलद्वादशी
18 फ़रवरीसोमवारमृगशिरादशमी
23 फ़रवरीशनिवारमघापूर्णिमा
25 फ़रवरीसोमवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
28 फ़रवरीगुरुवारस्वातीषष्ठी

मार्च

3 मुहूर्त
1 मार्चशनिवारअनुराधाअष्टमी
9 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
10 मार्चसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया

अप्रैल

5 मुहूर्त
18 अप्रैलशुक्रवारमघाएकादशी
20 अप्रैलरविवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
24 अप्रैलगुरुवारअनुराधातृतीया
26 अप्रैलशनिवारमूलपंचमी
28 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

11 मुहूर्त
3 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
4 मईरविवाररेवतीत्रयोदशी
9 मईशुक्रवाररोहिणीतृतीया
15 मईगुरुवारमघाअष्टमी
17 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
18 मईरविवारहस्तएकादशी
22 मईगुरुवारअनुराधाप्रतिपदा
23 मईशुक्रवारमूलद्वितीया
25 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
30 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
31 मईशनिवाररेवतीएकादशी

जून

8 मुहूर्त
6 जूनशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
11 जूनबुधवारमघाषष्ठी
12 जूनगुरुवारमघासप्तमी
16 जूनसोमवारस्वातीएकादशी
18 जूनबुधवारअनुराधात्रयोदशी
20 जूनशुक्रवारमूलप्रतिपदा
22 जूनरविवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
27 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

4 मुहूर्त
2 जुलाईबुधवाररोहिणीत्रयोदशी
11 जुलाईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
12 जुलाईशनिवारहस्तअष्टमी
14 जुलाईसोमवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
10 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
16 नवंबररविवाररोहिणीद्वितीया
17 नवंबरसोमवारमृगशिरातृतीया
22 नवंबरशनिवारमघाअष्टमी
24 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
27 नवंबरगुरुवारस्वातीत्रयोदशी

दिसंबर

5 मुहूर्त
1 दिसंबरसोमवारमूलतृतीया
3 दिसंबरबुधवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
8 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी
13 दिसंबरशनिवाररोहिणीपूर्णिमा
14 दिसंबररविवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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