शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2089

2089 की 52 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
19 जनवरीबुधवाररेवतीसप्तमी
23 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी
24 जनवरीसोमवारमृगशिरात्रयोदशी
28 जनवरीशुक्रवारमघाद्वितीया
30 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
31 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी

फ़रवरी

6 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
4 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
6 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
20 फ़रवरीरविवारमृगशिरादशमी
26 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
27 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया

मार्च

4 मुहूर्त
3 मार्चगुरुवारअनुराधासप्तमी
6 मार्चरविवारमूलदशमी
13 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
14 मार्चसोमवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

7 मुहूर्त
15 अप्रैलशुक्रवाररोहिणीपंचमी
16 अप्रैलशनिवारमृगशिराषष्ठी
20 अप्रैलबुधवारमघादशमी
22 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
25 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
27 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
29 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी

मई

11 मुहूर्त
2 मईसोमवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
7 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
8 मईरविवाररेवतीत्रयोदशी
12 मईगुरुवाररोहिणीद्वितीया
13 मईशुक्रवारमृगशिरातृतीया
19 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
20 मईशुक्रवारहस्तएकादशी
22 मईरविवारस्वातीत्रयोदशी
25 मईबुधवारअनुराधाप्रतिपदा
27 मईशुक्रवारमूलतृतीया
29 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

6 मुहूर्त
4 जूनशनिवाररेवतीदशमी
9 जूनगुरुवारमृगशिराप्रतिपदा
17 जूनशुक्रवारहस्तदशमी
19 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
23 जूनगुरुवारमूलपूर्णिमा
25 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

4 मुहूर्त
1 जुलाईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
6 जुलाईबुधवाररोहिणीत्रयोदशी
13 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
14 जुलाईगुरुवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
19 नवंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
20 नवंबररविवारमृगशिरातृतीया
25 नवंबरशुक्रवारमघाअष्टमी
27 नवंबररविवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 नवंबरसोमवारहस्तएकादशी
30 नवंबरबुधवारस्वातीत्रयोदशी

दिसंबर

2 मुहूर्त
4 दिसंबररविवारमूलद्वितीया
12 दिसंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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