शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2088

2088 की 38 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
19 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
21 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी
28 जनवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
29 जनवरीगुरुवाररेवतीषष्ठी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
2 फ़रवरीसोमवाररोहिणीदशमी
8 फ़रवरीरविवारमघाद्वितीया
11 फ़रवरीबुधवारहस्तपंचमी
13 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीसप्तमी
15 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी
18 फ़रवरीबुधवारमूलएकादशी
20 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
25 फ़रवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदातृतीया

मार्च

2 मुहूर्त
8 मार्चसोमवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
14 मार्चरविवारअनुराधासप्तमी

अप्रैल

3 मुहूर्त
24 अप्रैलशनिवाररोहिणीतृतीया
25 अप्रैलरविवारमृगशिरापंचमी
30 अप्रैलशुक्रवारमघादशमी

मई

10 मुहूर्त
2 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
3 मईसोमवारहस्तत्रयोदशी
5 मईबुधवारस्वातीपूर्णिमा
7 मईशुक्रवारअनुराधाद्वितीया
12 मईबुधवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
17 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
22 मईशनिवारमृगशिराद्वितीया
27 मईगुरुवारमघाअष्टमी
29 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
30 मईरविवारहस्तएकादशी

जून

6 मुहूर्त
4 जूनशुक्रवारअनुराधापूर्णिमा
6 जूनरविवारमूलद्वितीया
14 जूनसोमवाररेवतीदशमी
23 जूनबुधवारमघापंचमी
25 जूनशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
26 जूनशनिवारहस्तअष्टमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
25 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी
29 नवंबरसोमवाररोहिणीप्रतिपदा

दिसंबर

3 मुहूर्त
4 दिसंबरशनिवारमघासप्तमी
9 दिसंबरगुरुवारस्वातीद्वादशी
16 दिसंबरगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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