शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2094

2094 की 46 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
15 जनवरीशुक्रवारमूलत्रयोदशी
17 जनवरीरविवारउत्तर आषाढ़ाप्रतिपदा
21 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
22 जनवरीशुक्रवाररेवतीसप्तमी
27 जनवरीबुधवारमृगशिराएकादशी
28 जनवरीगुरुवारमृगशिराद्वादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
5 फ़रवरीशुक्रवारहस्तपंचमी
6 फ़रवरीशनिवारहस्तषष्ठी
8 फ़रवरीसोमवारस्वातीअष्टमी
10 फ़रवरीबुधवारअनुराधादशमी
13 फ़रवरीशनिवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
19 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीपंचमी
24 फ़रवरीबुधवारमृगशिरादशमी

मार्च

4 मुहूर्त
4 मार्चगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
5 मार्चशुक्रवारहस्ततृतीया
7 मार्चरविवारस्वातीपंचमी
13 मार्चशनिवारउत्तर आषाढ़ाएकादशी

अप्रैल

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

मई

9 मुहूर्त
2 मईरविवारअनुराधाद्वितीया
6 मईगुरुवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
12 मईबुधवाररेवतीत्रयोदशी
16 मईरविवाररोहिणीद्वितीया
17 मईसोमवारमृगशिरातृतीया
22 मईशनिवारमघाअष्टमी
26 मईबुधवारहस्तएकादशी
28 मईशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी
30 मईरविवारअनुराधापूर्णिमा

जून

6 मुहूर्त
19 जूनशनिवारमघाषष्ठी
21 जूनसोमवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
24 जूनगुरुवारस्वातीएकादशी
26 जूनशनिवारअनुराधात्रयोदशी
28 जूनसोमवारमूलपूर्णिमा
30 जूनबुधवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

7 मुहूर्त
4 जुलाईरविवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
5 जुलाईसोमवाररेवतीअष्टमी
9 जुलाईशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
10 जुलाईशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
18 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
19 जुलाईसोमवारहस्तषष्ठी
21 जुलाईबुधवारस्वातीअष्टमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

3 मुहूर्त
19 नवंबरशुक्रवाररेवतीद्वादशी
24 नवंबरबुधवारमृगशिराद्वितीया
29 नवंबरसोमवारमघासप्तमी

दिसंबर

4 मुहूर्त
2 दिसंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
3 दिसंबरशुक्रवारहस्तएकादशी
5 दिसंबररविवारस्वातीत्रयोदशी
9 दिसंबरगुरुवारमूलद्वितीया

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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