शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2093

2093 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
18 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
19 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
23 जनवरीशुक्रवारअनुराधाएकादशी
25 जनवरीरविवारमूलत्रयोदशी
31 जनवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदापंचमी

फ़रवरी

10 मुहूर्त
1 फ़रवरीरविवाररेवतीषष्ठी
5 फ़रवरीगुरुवाररोहिणीदशमी
6 फ़रवरीशुक्रवाररोहिणीएकादशी
7 फ़रवरीशनिवारमृगशिराएकादशी
12 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
14 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
19 फ़रवरीगुरुवारअनुराधाअष्टमी
21 फ़रवरीशनिवारमूलदशमी
23 फ़रवरीसोमवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
28 फ़रवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदातृतीया

मार्च

3 मुहूर्त
5 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी
11 मार्चबुधवारमघात्रयोदशी
14 मार्चशनिवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा

अप्रैल

4 मुहूर्त
17 अप्रैलशुक्रवारमूलषष्ठी
18 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
23 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
30 अप्रैलगुरुवारमृगशिरापंचमी

मई

6 मुहूर्त
7 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
8 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
16 मईशनिवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
21 मईगुरुवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
22 मईशुक्रवाररेवतीद्वादशी
27 मईबुधवारमृगशिराद्वितीया

जून

6 मुहूर्त
4 जूनगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
5 जूनशुक्रवारहस्तएकादशी
7 जूनरविवारस्वातीत्रयोदशी
10 जूनबुधवारमूलप्रतिपदा
18 जूनगुरुवाररेवतीदशमी
29 जूनसोमवारमघापंचमी

जुलाई

3 मुहूर्त
1 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
2 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
4 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

9 मुहूर्त
1 नवंबररविवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
6 नवंबरशुक्रवाररोहिणीतृतीया
14 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
15 नवंबररविवारहस्तद्वादशी
19 नवंबरगुरुवारअनुराधाप्रतिपदा
21 नवंबरशनिवारमूलतृतीया
23 नवंबरसोमवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
28 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
29 नवंबररविवाररेवतीद्वादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
3 दिसंबरगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
4 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
10 दिसंबरगुरुवारमघासप्तमी
13 दिसंबररविवारहस्तदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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